रामपुर में जिला पंचायत कार्यालय में अधिवक्ता फारुख खां की हत्या के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र ने हत्यारोपी असगर अली के शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने के लिए जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी को संस्तुति रिपोर्ट भेजी है। घटना के तुरंत बाद आरोपी असगर अली को गिरफ्तार कर उसकी लाइसेंसी पिस्टल बरामद कर ली गई थी। मामले में कोतवाली सिविल लाइन थाना में हत्या और शस्त्र लाइसेंस नियमों के उल्लंघन की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच में सामने आया कि लाइसेंसी हथियार का दुरुपयोग किया गया, जिसके आधार पर लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति तैयार की गई। बताया गया कि बीते बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे जिला पंचायत कार्यालय परिसर में तैनात बाबू असगर अली का अधिवक्ता फारुख खां से विवाद हो गया था। विवाद के बाद हुई फायरिंग में अधिवक्ता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि असगर अली भी गोली लगने से घायल हो गया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया था। इलाज के बाद शुक्रवार को आरोपी को बरामद पिस्टल और घटनास्थल से मिले खोखे के साथ न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। अब पुलिस अधीक्षक की संस्तुति पर जिलाधिकारी स्तर से अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई शीघ्र हो सकती है।