पीलीभीत टाइगर रिजर्व के इको सेंसेटिव जोन की अधिसूचना जारी:विकास कार्यों को मिलेगी गति, संशय समाप्त
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) के इको सेंसेटिव जोन (ESZ) को लेकर लंबे समय से चला आ रहा संशय अब समाप्त हो गया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इस निर्णय से जिले में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है, साथ ही वन्यजीवों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। पीटीआर का कुल क्षेत्रफल लगभग 73 हजार हेक्टेयर है। अब इसमें से 575 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को इको सेंसेटिव जोन घोषित किया गया है। अधिसूचना के मुताबिक, जंगल की सीमा से दो किलोमीटर तक के दायरे में बड़े उद्योगों की स्थापना पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कुटीर उद्योग, ग्राम उद्योग और पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं, जैसे होम-स्टे, पर कुछ शर्तों के साथ छूट दी गई है। इको सेंसेटिव जोन का निर्धारण न होने के कारण जिले में कई बड़े निवेश और पर्यटन परियोजनाएं अटकी हुई थीं। वर्ष 2023 में निवेशकों ने पर्यटन से संबंधित आठ बड़े उद्योगों के प्रस्ताव दिए थे, लेकिन एनओसी न मिलने के कारण उन्हें रोक दिया गया था। अब स्थिति स्पष्ट होने के बाद इन परियोजनाओं पर काम शुरू हो सकेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। नए निर्धारण के अनुसार, जंगल की सीमा से सटे 230 गांव इस जोन के अंतर्गत आए हैं। इनमें शाहजहांपुर के कुछ गांव भी शामिल हैं। प्रशासन ने इस क्षेत्र में बने और निर्माणाधीन सभी ढांचों की रिपोर्ट मांगी है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि सभी पांच रेंजरों को सर्वे कर वास्तविक लोकेशन की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य नियमों के उल्लंघन की जांच करना है। अधिसूचना पर किसी भी प्रकार के सुझाव या आपत्ति दर्ज कराने के लिए 60 दिन का समय दिया गया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित एक समिति इन आपत्तियों की जांच करेगी। इच्छुक व्यक्ति लिखित रूप में अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।