कब तक VIP के नाम पर सड़कें बंद की जाती रहेंगी। AI समिट के दौरान ही नहीं, दिल्ली में जब तब सड़कें बंद हो जाती हैं और लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। दिल्ली ही नहीं दूसरे शहरों का भी यही हाल हो गया है।


VIP संस्कृति ख़त्म करने की बात की जाती है लेकिन इसके नाम पर टोकनबाज़ी होती रहती है। लाल बत्ती उतरवा दी गई लेकिन इससे क्या फर्क पड़ा। एक समय नितिन गडकरी दिल्ली में जाम खत्म करने की बात करते थे, जाम तो खत्म नहीं हुआ, ख़त्म करने के नाम पर उम्मीदों के बारह साल खत्म हो गए।