जौनपुर के दीवानी न्यायालय को मंगलवार दोपहर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। जिला जज की आधिकारिक ईमेल आईडी पर प्राप्त संदेश में 17 फरवरी को दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच गेट नंबर 1 के पास सिविल कोर्ट और पुलिस लाइन को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। जिसमें लिखा था- पांच से छह मोबाइल नंबरों पर एक-एक लाख रुपये भेजा जाए। नहीं तो कोर्ट को बम से उड़ा दिया जाए। जिसमें सूचना पर जज ने न्यायालय परिसर खाली कराने के निर्देश दिए। जिसके बाद बार एसोसिएशन अध्यक्ष की मदद से परिसर को एहतियातन खाली करा लिया गया। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10:30 बजे जिला जज सुशील कुमार शशि को एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें पांच से छह मोबाइल नंबरों पर एक-एक लाख रुपये भेजने की मांग की गई थी। ई-मेल में चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित समय के भीतर रकम नहीं भेजी गई तो न्यायालय परिसर को बम से उड़ा दिया जाएगा। धमकी की सूचना मिलते ही जिला जज ने तत्काल प्रशासनिक आदेश जारी कर न्यायालय परिसर खाली कराने के निर्देश दिए। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र यादव को बुलाकर स्थिति से अवगत कराया गया। इसके बाद अधिवक्ताओं और वादकारियों से परिसर खाली करने की अपील की गई। सहयोग के साथ पूरे न्यायालय परिसर को एहतियातन खाली करा लिया गया। जिला न्यायाधीश ने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिवक्ताओं एवं वादकारियों की अनुपस्थिति में कोई प्रतिकूल आदेश पारित न किया जाए। उधर, पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि पुलिस की आधिकारिक ई-मेल पर भी इसी प्रकार की धमकी प्राप्त हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया। न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। बम निरोधक दस्ता (BBDS) और डॉग स्क्वाड की टीमों को मौके पर तैनात किया गया है। एसपी ने बताया कि एहतियातन पूरे परिसर को खाली कराया गया है और पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि अन्य जिलों में भी इस प्रकार की धमकी भरे ई-मेल मिलने की सूचनाएं हैं। घटना के बाद न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल रहा। हालांकि प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा के सभी आवश्यक कदम उठाए जा चुके हैं। जांच एजेंसियां ई-मेल की सत्यता और स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई हैं।