जिले के सोहावल और रूदौली तहसील क्षेत्रों में 5096 ऐसे परिवारों की पहचान की गई है, जो आयकरदाता होने के बावजूद सरकारी राशन का लाभ उठा रहे थे। इन परिवारों में से 3280 के राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत सामने आई बड़ी अनियमितता के बाद की गई है। खाद्य आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोहावल-मसौधा क्षेत्र में कुल 1,13,493 राशन कार्ड धारक हैं। इनमें से 3,664 आयकरदाता परिवारों की पहचान की गई, जिसके परिणामस्वरूप 2,784 कार्ड रद्द किए गए। इसी प्रकार, रूदौली-मवई क्षेत्र में 81,938 राशन कार्ड धारकों में से 1,432 आयकरदाता पाए गए, जिनमें से लगभग 500 राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं। निरस्त किए गए अधिकांश कार्ड पात्र गृहस्थी और अंत्योदय श्रेणी के थे। जांच के दौरान यह सामने आया कि कई परिवार, जिनकी आय गरीबी रेखा से काफी ऊपर है, वे भी सरकारी राशन का लाभ ले रहे थे। यह अनियमितता हाल ही में राशन कार्ड धारकों की केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) प्रक्रिया के दौरान आधार कार्ड को पैन कार्ड से लिंक किए जाने पर उजागर हुई। आयकर विभाग ने इस लिंकेज के माध्यम से आयकरदाताओं की पहचान की। आयकर विभाग ने आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले व्यक्तियों की एक सूची जिला आपूर्ति विभाग को भेजी थी। यह सूची प्राप्त होने के बाद अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी। जिला आपूर्ति अधिकारी बृजेश मिश्रा ने बताया कि उन्हें आयकर रिटर्न भरने वालों की जानकारी केंद्र सरकार से प्राप्त हुई है। बृजेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यदि किसी राशन कार्ड में शामिल कोई भी व्यक्ति आयकर भरता पाया जाता है, तो विभाग को इसकी सूचना मिलती है और उसका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाता है। कुछ मामलों में अनियमितता की आशंका पर आगे की जांच भी जारी है। आयकरदाता परिवारों के राशन कार्ड निरस्त होने के बाद कई प्रभावित लोग विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।