देवरिया में विश्व का पहला ग्रामीण ओलंपिक तीरंदाजी हॉस्टल:ओएनजीसी-एसएसएआईटी के बीच समझौता, ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
2026-02-17 09:33:23 | Views: 0
देवरिया में विश्व का पहला ग्रामीण ओलंपिक तीरंदाजी हॉस्टल स्थापित किया जाएगा। इसके लिए ओएनजीसी और संजीव सिंह आर्चरी इंस्टीट्यूट ट्रस्ट (एसएसएआईटी) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह हॉस्टल देवरिया जनपद के कंहौली में बनेगा। नई दिल्ली स्थित ओएनजीसी मुख्यालय में हुए इस करार को ग्रामीण खेल अवसंरचना के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रस्तावित हॉस्टल में ओलंपिक स्तर का आवासीय छात्रावास, उन्नत स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, हाई परफॉर्मेंस स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग यूनिट और अत्याधुनिक रिकवरी एवं पुनर्वास प्रणाली जैसी सुविधाएं होंगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तीरंदाजी प्रशिक्षण मैदान और डेटा आधारित प्रदर्शन विश्लेषण सुविधा भी विकसित की जाएगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं की पहचान करना है। उन्हें वैज्ञानिक प्रशिक्षण के माध्यम से ओलंपिक स्तर तक तैयार कर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम बनाना है। यह पहल 'विकसित भारत 2047' की राष्ट्रीय दृष्टि और वर्ष 2036 ओलंपिक खेलों के लिए भारत की दावेदारी के अनुरूप है। यह केंद्र सरकार के 'खेलो इंडिया मिशन' की भावना को भी मजबूती प्रदान करती है, जिसका लक्ष्य जिला स्तर पर खेल ढांचे को सुदृढ़ करना है। संजीव सिंह आर्चरी इंस्टीट्यूट ट्रस्ट (एसएसएआईटी) के संस्थापक संजीव सिंह ने इस परियोजना को पूर्वी उत्तर प्रदेश और भारतीय तीरंदाजी के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश में विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलने से खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सशक्त मार्ग मिलेगा। संस्थान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिलान्यास समारोह में शामिल होने का अनुरोध किया है। ओएनजीसी ने भी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।