डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ का विरोध प्रदर्शन:यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगाई जाने से नाराज, ड्यूटी से मुक्त करने की मांग
2026-02-17 10:18:13 | Views: 0
गोंडा में उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले सैकड़ों इंजीनियरों ने यूपी बोर्ड परीक्षा ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने काली पट्टी बांधकर कलेक्ट्रेट और कमिश्नर कार्यालय तक मार्च किया, जहां राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा को सौंपा है। महासंघ की मुख्य मांग है कि सभी इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से परीक्षा ड्यूटी से मुक्त किया जाए। उनका कहना है कि शासनादेश के अनुसार इंजीनियरों की ड्यूटी नहीं लगाई जानी चाहिए, फिर भी उन्हें मजिस्ट्रेट के दायित्वों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया जा रहा है, जिससे उन्हें काफी दिक्कतें आ रही हैं। देवीपाटन मंडल के अध्यक्ष इंजी. रवि कुमार यादव के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि शासन के गृह (पुलिस) अनुभाग-9 द्वारा 28 जनवरी 2026 को एक स्पष्ट शासनादेश जारी किया गया था। इस आदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए नामित अधिकारियों को 'कार्यपालक मजिस्ट्रेट' की शक्तियाँ प्रदान की गई हैं। महासंघ का आरोप है कि शासनादेश में सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इस ड्यूटी से छूट दी गई है। इसके बावजूद, देवीपाटन मंडल के विभिन्न जिलों में प्रशासन द्वारा इन विभागों के अभियंताओं की जबरन ड्यूटी लगाई जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नियम विरुद्ध ड्यूटी लगाने से तकनीकी कर्मचारियों के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और उनमें गहरा असंतोष है। मंडल अध्यक्ष रवि कुमार यादव ने कहा, जब शासन ने हमें इस कार्य से मुक्त रखा है, तो स्थानीय प्रशासन नियमों की अवहेलना क्यों कर रहा है? यह सीधे तौर पर शासनादेश की गरिमा के प्रतिकूल है।" सिंचाई और PWD विभाग के कर्मियों को बोर्ड परीक्षा ड्यूटी से तत्काल कार्यमुक्त किया जाए। 28 जनवरी 2026 के शासनादेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित हो। नियम विरुद्ध आदेश जारी करने वाले उत्तरदायी अधिकारियों पर संज्ञान लिया जाए। प्रदर्शन के दौरान महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन गलत ड्यूटियों को निरस्त नहीं किया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन और कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन देते समय मंडल के विभिन्न जनपदों से आए भारी संख्या में डिप्लोमा इंजीनियर और पदाधिकारी उपस्थित रहे।