प्रयागराज में रेप पीड़िता को ब्लैकमेल करने और धमकी देने के आरोपी दरोगा नरेश यादव का गैर जनपद ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें पुलिस लाइन से हटाकर आजमगढ़ भेज दिया गया है। झूंसी थाने से संबंधित है मामला मामला झूंसी थाने से जुड़ा है। कुछ दिन पहले ही पीड़िता की शिकायत पर दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद उसका शांति भंग में चालान भी किया गया। बताया जा रहा है कि पुलिस लाइन में उसने अपने उच्चाधिकारियों से बहस और अभद्रता भी की थी, जिसके बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जेल से आते ही फिर धमकाने लगा पीड़िता ने बताया, उसने हाल में ही पुलिस अफसरों से मिलकर फिर शिकायत की। बताया कि जेल से बाहर आने के बाद दरोगा उसके काम करने की जगह पर पहुंचा और धमकाया। इतना ही नहीं, वह उसके मायके भी गया और परिवार को डराया। उसे बर्बाद करने की धमकी भी दी। मुख्यालय तक पहुंची थी रिपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद ही इस पूरे मामले की रिपोर्ट मुख्यालय तक पहुंची और फिर दरोगा का ट्रांसफर गैर जनपद कर दिया गया। पूरा मामला पिछले साल दर्ज एक रेप केस से जुडा है। कीडगंज की रहने वाली 25 साल की युवती ने 13 सितंबर को झूंसी के एक अस्पताल संचालक पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। उस केस की जांच उस समय झूंसी थाने में तैनात एसएसआई नरेश यादव को दी गई थी। जांच के बहाने बनाने लगा दबाव पीड़िता का आरोप है कि जांच के दौरान ही दरोगा उसे फोन करने लगा और मिलने का दबाव बनाने लगा। वह लगातार उसका पीछा करता और परेशान करता रहा। विरोध करने पर बदनाम करने की धमकी दी गई। आखिरकार 29 जनवरी को युवती ने दरोगा के खिलाफ भी झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया था।