अलीगढ़ में फिल्म 'यादव जी लव स्टोरी' को लेकर बवाल शुरू हो गया है। कलेक्ट्रेट पहुंचे राष्ट्रवादी छात्र संगठन के पदाधिकारियों ने फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और नोंक–झोक हुई। इससे परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस दौरान छात्रों ने एलान किया कि अगर फिल्म रिलीज हुई तो सिनेमाघर को फूंक देंगे। ​पुतला दहन को लेकर पुलिस से भिड़े छात्र नेता ​प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठन के कार्यकर्ता फिल्म का पुतला और पोस्टर फूंकने की कोशिश कर रहे थे। मौके पर मौजूद थाना सिविल लाइंस पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इससे छात्रों और पुलिस के बीच नोंकझोक और धक्का-मुक्की हो गई। पुलिस ने चेतावनी दी कि यदि पोस्टर जलाया गया तो मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा, लेकिन छात्र नेता अपनी मांग पर अड़े रहे। ​जिहादी मानसिकता का लगाया आरोप संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्कर शर्मा ने फिल्म की कास्टिंग और टाइटल पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के निर्माता, निर्देशक या मुख्य कलाकार कोई भी यादव समाज से नहीं है। फिल्म की हीरोइन ब्राह्मण है और हीरो वसीम अख्तर है, जो जिहादी मानसिकता का व्यक्ति है। जब फिल्म में कोई यादव है ही नहीं, तो इसका नाम 'यादव जी की लव स्टोरी' क्यों रखा गया? ​लव जिहाद का आरोप ​पुष्कर शर्मा ने आरोप लगाया कि यह फिल्म एक सोची-समझी साजिश के तहत हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने और लव जिहाद को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि प्रशासन हमें मुकदमों से डराने की कोशिश न करे। पोस्टर तो छोड़िए, अगर अलीगढ़ के किसी भी सिनेमा हॉल में यह फिल्म चली तो सिनाम हॉल को ही फूंकने का काम करेंगे। ​प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, बैन की मांग ​संगठन ने ज्ञापन सौंपते हुए फिल्म पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पूर्व में भी 'घुसपैठ: द लव स्टोरी' जैसी विवादित फिल्में बनाकर एक विशेष समुदाय की छवि धूमिल करने की कोशिश की गई थी, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ​सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन पुतला दहन रोकने पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की। बाद में फटे हुए पोस्टर पुलिसकर्मी हटाते हुए नजर आए। बाद में जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार गुप्ता को सौंपा गया। ज्ञापन में फिल्म पर तुरंत बैन लगाने की मांग की गई। ​