बांसी नगर पालिका में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) के आवास के ठीक सामने स्थित एक दुकान में चोरी की घटना सामने आई है। 23 और 24 फरवरी की दरमियानी रात को नगर पालिका अध्यक्ष के पूर्व प्रत्याशी और व्यापारी विष्णु जायसवाल उर्फ सोनू जायसवाल की किराना दुकान से 100 ग्राम सोना, सवा किलो चांदी, एक मोबाइल फोन और सीसीटीवी डीवीआर चोरी हो गए। व्यापारी विष्णु जायसवाल ने बताया कि उनका घर और दुकान एक ही इमारत में हैं। सोमवार सुबह करीब 9 बजे जब वे दुकान पर पहुंचे, तो शटर का ताला टूटा हुआ मिला। दुकान के अंदर जाने पर उन्होंने देखा कि 50-50 ग्राम के दो सोने के बिस्कुट, सवा किलो चांदी, मोबाइल फोन और सीसीटीवी डीवीआर गायब थे। जायसवाल के अनुसार, चोरी किया गया सोना और चांदी उन्हें होलसेल व्यवसाय के तहत अन्य कंपनियों से स्कीम के माध्यम से प्राप्त हुआ था। जायसवाल ने यह भी बताया कि दुकान में आधा किलो चांदी की एक सिल्ली सुरक्षित बच गई, क्योंकि चोरों की नजर उस पर नहीं पड़ी। यह सिल्ली एक अलग स्थान पर रखी हुई थी। इस घटना के बाद व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उपजिलाधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी के आवास के ठीक सामने हुई इस चोरी से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि चोरों में पुलिस का भय समाप्त हो गया है, जिसके कारण वे लगातार ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने पुलिस की निष्क्रियता पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से इस गंभीर चुनौती का सामना करने और ठोस कदम उठाने की मांग की है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो उनके व्यवसाय और आर्थिक हितों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। घटना के बाद व्यापारी आक्रोशित, प्रदर्शन किया इस घटना के बाद व्यापारी आक्रोशित हो गए। कई व्यापारियों ने बांसी कोतवाली जाकर प्रदर्शन किया और पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। कुछ व्यापारियों ने दुकानें बंद कर दीं, जिससे बाजार की गतिविधियां ठहर गईं और इलाके में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने फिलहाल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी रोहिणी यादव और क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर चोरी की छानबीन शुरू की है, लेकिन व्यापारियों का आरोप है कि यह सिर्फ दिखावा भर है और वास्तविक कार्रवाई कहीं नहीं दिख रही। यह बांसी में पहली चोरी की घटना नहीं है। 21 फरवरी की रात, कोतवाली से मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित काका बेकर्स पर भी चोरों ने चोरी की थी। चोरों ने छत के रास्ते सीमेंटेड चद्दर तोड़कर दुकान में प्रवेश किया और ₹15,000 नगद के साथ सीसीटीवी डीवीआर उठा ले गए। उस घटना के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे व्यापारियों का पुलिस पर भरोसा कमजोर हो गया। व्यापारी और स्थानीय लोग कहते हैं कि लगातार बढ़ती चोरी ने इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। हर रात चोरों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता सुरक्षा की पोल खोल रही है। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन और पुलिस को तुरंत प्रभावी कार्रवाई करनी होगी, वरना उनकी संपत्ति और व्यवसाय पर गंभीर खतरा रहेगा।
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