उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सेमराय गांव निवासी दीपक सिंह ने पुलिस कांस्टेबल से एसडीएम बनकर जिले का नाम रोशन किया है। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले दीपक की यह सफलता आज पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। दीपक सिंह के पिता अशोक कुमार एक किसान हैं, जो 9वीं कक्षा तक पढ़े हैं। उनकी मां कृष्णा सिंह ने 5वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है। सीमित संसाधनों के बावजूद, उनके माता-पिता ने दीपक की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। दीपक बचपन से ही मेधावी छात्र थे और प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य रखते थे। वर्ष 2018 में दीपक का चयन कांस्टेबल पद पर हुआ और उन्हें हरदोई में पहली पोस्टिंग मिली। नौकरी करते हुए भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने यूट्यूब से निःशुल्क कोचिंग ली और आईपीएस व एसडीएम अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। लगातार तीन प्रयासों के बाद, उन्होंने उत्तर प्रदेश पीसीएस परीक्षा में 20वीं रैंक हासिल कर एसडीएम का पद प्राप्त किया। दीपक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के सहयोग को दिया है। दीपक के बाराबंकी पहुंचने पर उनके गांव में जश्न का माहौल था। परिजनों और स्थानीय निवासियों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। गाजे-बाजे के साथ रोड शो निकालकर उन्हें घर तक ले जाया गया। गांव वालों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया। हाल ही में दीपक सिंह का विवाह लखनऊ के एक होटल में शालिनी सिंह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया। उनकी यह उपलब्धि युवाओं को कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से लक्ष्य प्राप्त करने का संदेश देती है।