घोसी चीनी मिल बंद होने की चर्चाओं से किसानों और स्थानीय नेताओं में नाराजगी है। इसी मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के दर्जनों नेता जिलाध्यक्ष दूधनाथ यादव के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मिल को चालू रखने की मांग करते हुए जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा। जिलाध्यक्ष दूधनाथ यादव ने बताया कि घोसी चीनी मिल क्षेत्र के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थान है। यह मिल किसानों के गन्ने की पेराई करती है और समय पर भुगतान से उनकी आर्थिक जरूरतें पूरी होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मिल के दायरे में लाखों टन गन्ना खेतों में पड़ा है, लेकिन शासन-प्रशासन मिल को बंद करने की साजिश रच रहा है। सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मिल बंद की गई और किसानों के गन्ने की पेराई नहीं हुई, तो पार्टी 72 घंटे का अल्टीमेटम देती है। इसके बाद एक बड़ा जनांदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वही घोसी ब्लॉक के पूर्व ब्लाक प्रमुख सुजीत सिंह ने बताया कि मेरे जीतेजी गन्ना किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी चाहे मुझे अपनी जान भी देनी पड़े। ज्ञापन सौंपते समय विधायक राजेंद्र राम, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुजीत सिंह और शैलेंद्र यादव ‘साधु’ सहित कई सपा नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।