गाजियाबाद नगर आयुक्त विक्रमादित्य ने निगम के सभी विभागीय वाहनों की जीपीएस के माध्यम से जांच-परख की। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के साथ जलकल, निर्माण, उद्यान और प्रकाश विभाग के वाहनों की भी जीपीएस से मॉनिटरिंग की समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर पहुंचकर ऑनलाइन चल रहे जीपीएस मॉनिटरिंग सिस्टम के कार्यों का जायजा लिया। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों की निगरानी के साथ वॉटर स्प्रिंकलर, उद्यान विभाग के ट्रैक्टर, जेसीबी और अन्य वाहनों की प्रॉपर मॉनिटरिंग निगम द्वारा की जा रही है। लापरवाही मिलने पर दिए सख्त निर्देश नगर आयुक्त ने मौके पर कार्यरत टीम से पूछताछ कर मॉनिटरिंग व्यवस्था की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि 611 डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहन, उद्यान विभाग के लगभग 40 वाहन और जलकल विभाग के करीब 18 वाहनों की निगरानी की जा रही है। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि यदि जीपीएस और जमीनी स्थिति में कोई खामी मिली तो सीधे कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान अपर नगर आयुक्त अवनींद्र, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश, प्रभारी उद्यान डॉ. अनुज और निर्माण विभाग से मुख्य अभियंता नरेंद्र कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। प्रत्येक वाहन पर रखी जा रही नजर गाजियाबाद नगर निगम पिछले दो वर्षों से शहरवासियों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से व्हीकल ट्रैकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम (VTMS) पर काम कर रहा है। इसके तहत विभागीय अधिकारी निगम के वाहनों पर लगातार नजर रख रहे हैं। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को प्रतिदिन मॉनिटरिंग रिपोर्ट भेजने के कड़े निर्देश दिए हैं। वीटीएमएस के माध्यम से वर्तमान में करीब 780 वाहनों की निगरानी की जा रही है।