झांसी में रेलवे की पटरी चोरी करने वाले गिरोह का एक सदस्य आरपीएफ के हत्थे चढ़ गया। जबकि उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पकड़े गए आरोपी के पास से रेलवे की पटरी के टुकड़े बरामद किए गए हैं। गिरोह के सदस्य दिन में कार से रेलवे स्टेशन के आसपास सवारियां ढूंढते थे और रात होते ही पटरी चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। मामला वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन के पास का है। स्टेशन के पास वैगन मरम्मत वर्कशॉप और रेलवे के अन्य कारखाने हैं, जहां भारी मात्रा में रेलवे का लोहा और पटरियों के टुकड़े रखे रहते हैं। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक विकास पंचोली के अनुसार, बीती रात सूचना मिली कि स्टेशन से नगरा रोड की ओर एक कार (वैन) खड़ी है, जिसमें तीन लोग रेलवे की पटरी चुराकर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर कार्रवाई की। हालांकि इस दौरान दो आरोपी भागने में सफल रहे, जबकि एक आरोपी को कार समेत दबोच लिया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान गढ़मऊ के हाजीपुरा निवासी सोनू परिहार के रूप में हुई है। उसके पास से पटरी के छह टुकड़े बरामद किए गए। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि पटरियां काठ के पुल के पास से चोरी की गई थीं और इस वारदात में उसके दो अन्य साथी भी शामिल हैं। दिन में सवारी, रात में चोरी आरोपी ने बताया कि वह और उसके साथी दिन में रेलवे स्टेशन के आसपास घूमकर उन स्थानों की पहचान करते थे, जहां रेलवे का लोहा पड़ा रहता है। दिनभर वे कार से सवारियां ढूंढने का काम करते थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो। रात होने पर वे चिन्हित स्थानों से पटरी और लोहे के टुकड़े चोरी कर ले जाते थे। आरपीएफ अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है।