औरैया में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) की समीक्षा की। उन्होंने जिले में हुए पंजीकरण का जायजा लिया और शेष नियोक्ताओं को जल्द से जल्द पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। इस योजना के तहत कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को भारत सरकार की ओर से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभ प्रदान किया जाएगा। कर्मचारियों को एक माह का वेतन मिलेगा, जबकि नियोक्ताओं को प्रति नए कर्मचारी के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। योजना का विस्तृत विवरण https://pmvbry.labour.gov.in पर उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने उन नियोजकों को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए जो भविष्य निधि (PF) अंशदान नहीं कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) विभाग द्वारा संबंधित नियोजकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में योजना के वित्तीय लाभों की जानकारी देते हुए बताया गया कि सामान्य नियोजकों को आगामी 24 माह तक और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र के नियोजकों को 48 माह तक ₹1,000 से ₹3,000 प्रतिमाह तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। श्रमिकों के लिए, पात्र कर्मचारियों को 6 माह की सदस्यता पूरी करने पर दो किस्तों में कुल ₹15,000 की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके खाते में दी जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी नियोजकों को तत्काल पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप योजना का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रतीश सिंह, पीएफ प्रवर्तन अधिकारी सतीश गुप्ता, श्रम प्रवर्तन अधिकारी रीमा सिंह और श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।