देवरिया। जनपद के जिला पंचायत सभागार में आयोजित बजट सत्र की बोर्ड बैठक में उस समय तीखी नोकझोंक हुई, जब पंचायत सदस्यों और अपर मुख्य अधिकारी के बीच बहस शुरू हो गई। यह विवाद विकास कार्यों, बजट आवंटन और योजनाओं की प्रगति को लेकर उठा, जिससे बैठक का माहौल गरमा गया। सूत्रों के अनुसार, कई सदस्यों ने अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों की धीमी गति और बजट के असमान वितरण पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रस्तावों को पर्याप्त चर्चा के बिना ही स्वीकृति दी जा रही है, जबकि आवश्यक जमीनी कार्य लंबित हैं। इस पर अपर मुख्य अधिकारी ने विभागीय प्रक्रिया और वित्तीय प्रावधानों का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा। हालांकि, उनके जवाब से असंतुष्ट कुछ सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिससे बहस और तेज हो गई। कुछ समय के लिए सभागार में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। स्थिति को संभालने के लिए वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप किया और सभी से संयम बरतने की अपील की। बैठक में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, विधायक सभाकुंवर, विधायक जयप्रकाश निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीशचंद तिवारी और मुख्य विकास अधिकारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने सदस्यों को आश्वस्त किया कि सभी प्रस्तावों पर पारदर्शी ढंग से विचार किया जाएगा और जनहित को सर्वोपरि रखा जाएगा। तीखी बहस के बावजूद, अंततः बजट से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की गई और आवश्यक बिंदुओं पर सहमति बनाते हुए बैठक संपन्न हुई। हालांकि, बैठक के दौरान हुई इस नोकझोंक को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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