सुल्तानपुर में यादव समाज ने 'यादव जी की लव स्टोरी' फिल्म के विरोध में प्रदर्शन किया। सोमवार को समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट पर इकट्ठा होकर राष्ट्रपति को संबोधित एक मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। समाज ने प्रस्तावित फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका मानना है कि फिल्म में ऐसे दृश्य या संवाद हो सकते हैं जो सामाजिक और सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं, जिससे समाज में वैमनस्य या अशांति फैलने की आशंका है। यादव समाज का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन यह भारतीय कानूनों और सामाजिक मर्यादाओं के दायरे में होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित प्राधिकरणों से फिल्म की सामग्री की निष्पक्ष और विस्तृत समीक्षा कराने की मांग की है। यदि कोई आपत्तिजनक अंश पाया जाता है, तो उसके प्रसारण या प्रदर्शन पर रोक लगाने की अपील की गई है। इस संबंध में सुरेश कुमार यादव (भजन प्रधान) ने मीडिया को बताया कि मनोरंजन के नाम पर जातिगत टिप्पणियाँ और फिल्मों के ऐसे नाम समाज में वैमनस्य बढ़ाते हैं। उन्होंने 'घूसखोर पंडित' और 'यादव जी की लव स्टोरी' जैसे शीर्षकों पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की। उन्होंने सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए, आरोप लगाया कि ऐसी फिल्में बोर्ड की मिलीभगत के बिना पास नहीं हो सकतीं। यादव ने चेतावनी दी कि यदि फिल्म में समाज की भावनाओं को आहत करने वाला कोई भी अंश पाया जाता है, तो वे सुल्तानपुर में फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी माँगें नहीं मानी गईं और आपत्तिजनक अंश नहीं हटाए गए, तो यादव समाज सड़क जाम, पुतला दहन और सिनेमाघरों के विरोध जैसे कदम उठाने को मजबूर होगा। सुरेश यादव ने जानकारी दी कि फिल्म के निर्माता और निर्देशक संदीप तोमर तथा अंकित बढ़ाना के खिलाफ अन्य स्थानों पर भी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने सुल्तानपुर में भी इसी तरह की कानूनी कार्रवाई करने की बात कही।