मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र के मोरना में 55 वर्षीय रामप्रसाद का शव सोमवार सुबह घर के मुख्य द्वार के पास लहूलुहान हालत में मिला। धारदार हथियार से गर्दन और शरीर पर कई वार किए गए थे। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि उनकी हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उनकी अपनी बेटियों ने की थी। मृतक की पत्नी चंद्रकली ने सुबह करीब 7 बजे पति का शव देखा और शुरुआत में अज्ञात हमलावर द्वारा हत्या की बात कही थी। रामप्रसाद खेती-बाड़ी का काम करते थे। परिवार में पत्नी चंद्रकली, दो पुत्र अमित और सुमित, तथा चार बेटियां हैं। इनमें से दो बेटियां लता और शिल्पी विवाहित हैं, जबकि कोमल और वंदना अविवाहित हैं। हत्या के समय घर में पत्नी चंद्रकली, पुत्र अमित, सुमित और अविवाहित बेटियां कोमल व वंदना मौजूद थीं। सूचना मिलते ही एसपी देहात आदित्य बंसल, क्षेत्राधिकारी देवव्रत बाजपेई और थाना प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। परिजनों से गहन पूछताछ में दोनों अविवाहित बेटियां रडार पर आईं। पहले तो वे पुलिस को गुमराह करती रहीं, लेकिन बाद में उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया। बेटियों ने बताया कि उनके पिता बेटा-बेटी में फर्क करते थे और रोजाना ताने मारते थे। इस भेदभाव और प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने रात में सोते हुए पिता को दबोच लिया और चाकू से कई वार कर उनकी हत्या कर दी। एसपी बंसल ने बताया कि दोनों आरोपी बेटियों को हिरासत में ले लिया गया है। इनमें से एक बेटी बालिग है, जबकि दूसरी नाबालिग है। उन्होंने दो दिन पहले ही पिता की हत्या की योजना बनाई थी और रविवार रात मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दिया। मामले की गहन जांच जारी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।