मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के तहत रविवार को जनपद के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर 54 शिविरों का आयोजन किया गया। 83 चिकित्सकों एवं 253 पैरामेडिकल स्टाफ की मौजूदगी में जांच एवं इलाज किया गया। विभिन्न शिविरों में कुल 2045 मरीजों का पंजीकरण किया गया, जिनमें 805 पुरुष, 1039 महिलाएं एवं 201 बच्चे शामिल रहे। इसमें वायरल फीवर के सबसे ज्यादा 274 मरीज चिह्नित किए गए। हेपेटाइटिस-बी की 36 जांचें की गईं लेकिन इसमें कोई पॉजिटिव नहीं रहा। 16 नेत्र परीक्षण किए गए। मलेरिया की 79 रैपिड जांचें एवं डेंगू की 29 जांचें की गईं, जिनमें सभी रिपोर्ट निगेटिव रहीं। इसके अतिरिक्त विभिन्न रोगों से संबंधित मरीजों को परामर्श व उपचार प्रदान किया गया। मधुमेह रोग के 267, त्वचा रोग के 267, श्वसन रोग के 156 गैस्ट्रो के 203, यकृत रोग के 23, उच्च रक्तचाप के 105, एनीमिया के 15, टीबी संदिग्ध के 10, एएनसी (गर्भवती) के 104,कुपोषित बच्चे 4 एवं टेलीमानस सेवा के अंतर्गत 2 मरीजों को परामर्श दिया गया तथा 39 व्यक्तियों को तंबाकू छोड़ें जाने हेतु परामर्श उपलब्ध कराया गया। दो मरीजों को चिकित्सा उपचार के लिए एक को स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ तथा दो को शल्य चिकित्सा हेतु रेफर किया गया। प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश प्रसाद ने बताया कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेला का उद्देश्य आमजन को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के नोडल अधिकारी डॉ संजय राय ने बताया कि मेले में गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, संचारी रोगों की जांच, टीबी एवं मलेरिया-डेंगू की जांच, तंबाकू निषेध परामर्श एवं मानसिक स्वास्थ्य परामर्श जैसी सेवाएं एक ही छत के नीचे प्रदान की जा रही हैं।