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'मन की बात' में कानपुर के बेटे का नाम:ओमान क्रिकेट टीम के उपकप्तान हैं विनायक शुक्ला, पिता बोले- मुझे गर्व है
Feb 24, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में दुनिया भर में देश के कई ऐसे खिलाड़ियों की बात की, जो दुनिया के अलग-अलग देशों के लिए खेल रहे हैं, लेकिन अपनी मिट्टी से जुड़े हैं। उसमें कानपुर के विनायक शुक्ला का भी नाम लिया, जो ओमान की क्रिकेट टीम से इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते हैं। उनके माता-पिता को जब ये पता चला कि PM ने उनके बेटे विनायक शुक्ला का नाम मन की बात में लिया, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दैनिक भास्कर की टीम विनायक के ओमान से क्रिकेट खेलने की कहानी जानने के लिए उनके घर पहुंची। 22 फरवरी को PM ने मन की बात की, लेकिन कानपुर के श्यामनगर LIC पार्क के पास रहने वाले जितेंद्र शुक्ला और उनकी पत्नी आयुष शुक्ला के लिए मन की बात का ये कार्यक्रम बेहद खास बन गया। विनायक के पिता जितेंद्र बोले
विनायक के पिता ने बताया कि जब मुझे पता चला कि पीएम ने मेरे बेटे का नाम मन की बात में लिया, तो सबसे पहले ईश्वर का धन्यवाद किया। मिलने वालों ने कहा कि बेटे की मेहनत आज रंग लाई। नरेंद्र मोदी ने ऐसे खिलाड़ियों में विनायक का भी नाम लिया, ये गर्व की बात है। उन्होंने जब ये कहा कि इस देश के खिलाड़ी इतने अच्छे हैं, जो पूरे विश्व में फैले हुए हैं। मोदी जी की एक खास बात है कि जब वो कोई भी बात करते हैं, किसी की भी बात करते हैं, उनके अंदर इतनी आत्मीयता होती है, मानो वो जिस व्यक्ति की बात करते हैं उसे बहुत अच्छी तरह से जानते हैं। मेरे बेटे की बचपन की मेहनत सफल हो गई। मुझे इतनी खुशी हुई कि पीएम ऐसे बच्चे, जो देश में हैं और यहां खेलते हैं, उसी तरह से जो दुनिया भर में खेल रहे हैं, उतना ही उनका भी ख्याल पीएम रखते हैं। जब बेटे को बताया कि पीएम ने उसका नाम लिया, उसने क्लिप मांगी। मैंने भेजी, उसने देखी। फिर मैंने उससे कहा, बेटा इससे तुम्हारा हौसला और बढ़ेगा। मेरी और परिवार की इच्छा है कि जहां उसकी जन्मभूमि है, वो उस टीम से खेले। भविष्य में वो भारतीय क्रिकेट टीम से खेले, इससे बड़ी जीवन में मेरे लिए कोई खुशी नहीं है। वो कहता है कि जब एशिया कप में भारतीय टीम से वो मिला, तो कह रहा था कि इतना अच्छा लगा कि मुझे भी ऐसा मौका मिले कि मैं इंडिया क्रिकेट टीम से खेलूं। अब पढ़िए विनायक की मां ने जो बताया
विनायक की मां आयुष ने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री आपके बेटे का नाम लें, तो जो मुझे गौरव की अनुभूति हुई, वो मैं शब्दों में नहीं बता सकती हूं। इतनी खुशी हुई कि ऐसा लगा मेरे बेटे की मेहनत सफल हुई। अब पढ़िए विनायक के ओमान की टीम से क्रिकेट खेलने का सफर
विनायक आठ साल की उम्र से ही क्रिकेट खेलने लगा था। स्कूल में पढ़ने के दौरान ही खुद श्यामनगर के पीएसी के ग्राउंड से फॉर्म ले आया। पिता ने देखा कि इसका क्रिकेट में इंटरेस्ट है। पिता भी बैंक में कर्मचारी रहे, वो भी बैंक की टीम से क्रिकेट खेलते थे। इसलिए पिता जितेंद्र ने क्रिकेट के लिए विनायक का पूरा साथ दिया। एक अच्छे विकेटकीपर और बैट्समैन के रूप में उसने तैयारी शुरू की। धीरे-धीरे उसने स्कूल की टीम से खेलना शुरू किया। इसके बाद केंद्रीय विद्यालय से पढ़ने के दौरान विनायक ने नेशनल लेवल पर अंडर-16 और अंडर-19 खेला। लगातार क्रिकेट और मेहनत के बाद सिलेक्शन नहीं हुआ। कई अलग-अलग राज्यों से क्रिकेट खेला। अपने खेल को विनायक ने जारी रखा। फिर दिल्ली के एक कोच प्रकाश ने घर आकर कहा कि विनायक बहुत अच्छा खिलाड़ी है, इसे ओमान भेजना चाहिए। फिर साल 2021 में विनायक ओमान चले गए। वहां क्रिकेट खेलना शुरू किया। साल 2024 में बतौर विकेटकीपर और बैट्समैन विनायक को ओमान टीम में जगह मिली। पहला इंटरनेशनल टी-20 मैच 14 दिसंबर 2024 को खेला और पहला वन-डे इंटरनेशनल 10 फरवरी को विनायक ने खेला। जब भारतीय टीम के सामने विनायक ने पहली बार एशिया कप में खेला, तो उसकी यादें वो आज सबको बताता रहता है। एशिया कप और टी-20 विश्व कप खेल चुके हैं। अब विनायक वन-डे विश्व कप की तैयारी कर रहे हैं। विनायक ने फोन पर ओमान से दैनिक भास्कर से बात की
विनायक ने कहा, मेरी इच्छा थी कि मैं जहां जन्मा, वहीं से खेलूं, लेकिन कभी-कभी ईश्वर की इच्छा कुछ और होती है कि उसी टीम के खिलाफ खेलना पड़ता है। जब मैंने भारतीय टीम के खिलाफ खेला, तो लगा कि आज अच्छा खेलना है। इच्छा थी कि ऐसा खेलूं कि सबको लगे कि हां, ये अच्छा खेल सकता था। जब मैंने भारतीय टीम के खिलाफ खेला, तो हार्दिक पांड्या के सामने खेला, जिन्हें टीवी पर देखा करता था। वो एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं। बस आगे यही है कि ओमान से क्रिकेट खेलकर बेहतर प्रदर्शन करूं। इंडिया टीम के लिए मेरी शुभकामनाएं हैं कि वो टी-20 विश्व कप जीतें। विनायक का मैच देखने 7 फरवरी को कानपुर से श्रीलंका गए
पिता जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि मैंने भी बचपन में ग्रीनपार्क स्टेडियम में मैच देखे थे। तो सोचा कि अपने बेटे को मैदान में मैच खेलते हुए देखना कैसा लगेगा। इसलिए हम सब 9 फरवरी को जिम्बाब्वे और ओमान के बीच टी-20 मैच देखने श्रीलंका गए थे। इस मैच में विनायक ने टीम में सबसे अधिक 28 रन बनाए और कीपरिंग करते हुए विकेट के पीछे कई कैच पकड़े। ------------------------
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