नमो भारत कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो के उद्घाटन के बाद पहले पूरे दिन के संचालन में यात्रियों की काफी भीड़ दर्ज की गई। कॉरिडोर पर कुल राइडरशिप 1 लाख से अधिक रही, जो अब तक एक दिन में सबसे ज्यादा है। इससे पहले दैनिक औसत राइडरशिप करीब 60 हजार थी, यानी लगभग 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बेगमपुल बना सबसे व्यस्त स्टेशन मेरठ शहर के केंद्र में स्थित भूमिगत बेगमपुल स्टेशन पर दिनभर सबसे ज्यादा यात्री पहुंचे। आबू लेन मार्केट और बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के बीच स्थित यह स्टेशन नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों सेवाएं देता है, जिससे यह प्रमुख मोबिलिटी हब बन गया है। आनंद विहार और गाजियाबाद भी टॉप सूची में आनंद विहार स्टेशन ने दूसरी सबसे ज्यादा राइडरशिप दर्ज की। यह कॉरिडोर का सबसे बड़ा मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब है, जहां रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक और ब्लू लाइन, स्वामी विवेकानंद आईएसबीटी और बस स्टैंड की कनेक्टिविटी मिलती है। गाज़ियाबाद स्टेशन पर भी यात्रियों की भारी भीड़ रही। यह स्टेशन दिल्ली और मेरठ के बीच प्रमुख द्वार के रूप में उभरा है तथा दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन से जुड़ा है। सराय काले खां, शताब्दी नगर और मोदीपुरम जैसे नव-उद्घाटित स्टेशनों पर भी अच्छी राइडरशिप रही। न्यू अशोक नगर स्टेशन पर भी यात्रियों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया। परिवारों और युवाओं में खास उत्साह दैनिक यात्रियों के अलावा बड़ी संख्या में परिवार और युवा भी नई सेवा का अनुभव लेने पहुंचे। एसी कोच, आरामदायक सीटिंग और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी को लोगों ने सराहा। कई यात्रियों ने ग्रुप फोटो खिंचवाए और सोशल मीडिया पर रील्स व सेल्फी साझा कीं। प्रधानमंत्री ने किया था उद्घाटन 22 फरवरी को नरेंद्र मोदी ने न्यू अशोक नगर से सराय काले खां तक 5 किमी और मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 21 किमी खंड का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 15 स्टेशनों वाला पूरा कॉरिडोर परिचालित हो गया। मेरठ मेट्रो 135 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड और 120 किमी प्रति घंटे की अधिकतम परिचालन गति के साथ देश की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली बन गई है। 21 किमी लंबे मेरठ मेट्रो खंड में 12 स्टेशन हैं, जिनमें मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम इंटरचेंज शामिल हैं। पहले ही दिन रिकॉर्ड राइडरशिप ने साबित कर दिया कि एनसीआर में इंटीग्रेटेड और हाई-स्पीड पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बड़ी मांग है और लोग इस नई सुविधा को तेजी से अपना रहे हैं।