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महापौर सुनीता और पार्षद शीतल में शुरु हुई अदावत:मेयर ने कहा- तुम्हें कमेटी में इसलिए न रखा ताकि फिर गोली न चल जाए
Feb 22, 2026
गाजियाबाद में भाजपा महापौर सुनीता दयाल और पार्षद शीतल देओल आमने सामने आ गईं, अभी तक पर्दे के पीछे से ही खींचतान चल रही थी, लेकिन अब यह बैठक में भी सामने आने लगी है। 20 फरवरी को जब सदन की कार्यवाही हुई तब पार्षद शीतल देओल खुलकर मेयर के सामने आ गईं, उन्होंने कहा कि किराया बढ़ोत्तरी का मामला मैने उठाया था, अब कमेटी बनाई गई तो मुझे क्यों नहीं शामिल किया गया। जहां पार्षदों में ही गुटबाजी सामने आने लगी है। 20 फरवरी को विवाद सामने आया गाजियाबाद में 20 फरवरी को सदन कक्ष का लोर्कापण था। उसमें नगर आयुक्त विक्रमादित्य मलिक और मेयर सुनीता दयाल भी मौजूद थीं। पूर्व में दुकानों के किराए को बढ़ाए जाने को लेकर नगर निगम की पार्षद शीतल देओल ने यह मामला उठाया था, जिसके बाद शासन को प्रस्ताव भेजा गया। शासन ने इसी सप्ताह किराया बढ़ाया। लेकिन महापौर ने किराया घटाए जाने को लेकर 5 पार्षदों की एक कमेटी बनाई। कमेटी न शामिल न होने पर नाराजगी जहां पार्षद शीतल देओल ने कहा कि किराया जो घट रहा है, उसमें कमेटी बनाई गई। उसमें मुझे शामिल क्यों किया गया। जबकि मैंने ही यह उठाया था। मैं व्यापारियों के खिलाफ होकर किराया बढ़ाने को लेकर सबसे पहले सामने आई, लेकिन मुझे ही बुरा बनाया गया है। इस पर महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि तुम्हें इसलिए कमेटी में शामिल नहीं किया गया जिससे तुम पर फिर पर हमला न हो जाए। इस पर तीखी बहस हो गई, हालांकि दूसरे पार्षदों ने किसी तरह मामला निपटाया। मेयर की टिप्पणी से पार्षदों में नाराजगी शीतल देओल पर की गई टिप्पणी का विवाद अकेला नहीं है। पूर्व में मेयर द्वारा सचिन डागर और विनय को लेकर भी टिप्पणी की गई। जिसको लेकर अब नगर निगम में भाजपा पार्षद ही दो फाड़ होने लगे हैं। 29 अक्टूबर को भाजपा से वार्ड 9 की पार्षद शीतल देओल पर नोएडा से लौटते हुए हमलावरों ने फायरिंग करते हुए उनकी गाड़ी का शीशा तोड़ दिया था। जिसमें भाजपा से शहर विधायक संजीव शर्मा, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल और मीडिया प्रभारी प्रदीप चौधरी भी थाने पहुंचे थे।
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