आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर उनकी प्रस्तावित इजराइल यात्रा पर पुनर्विचार करने की मांग की है। मौलाना ने बेहद सख्त लहजे में लिखा है कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में मुसलमानों का नरसंहार किया है, जिसमें हजारों महिलाओं और बच्चों का कत्लेआम हुआ। उन्होंने पीएम को याद दिलाया कि इंटरनेशनल कोर्ट ने नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर रखा है और खुद इजराइल की सुप्रीम कोर्ट में उन पर भ्रष्टाचार के मुकदमे चल रहे हैं। ऐसे में एक 'अपराधी' व्यक्ति से मिलना भारत के प्रधानमंत्री की उज्ज्वल छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। ईरान-अमेरिका तनाव और मुस्लिम देशों से रिश्तों की दी दुहाई पत्र में अंतरराष्ट्रीय हालातों का जिक्र करते हुए मौलाना ने कहा कि अमेरिका अपनी दादागिरी के दम पर ईरान का तख्तापलट करना चाहता है। भारत के सुन्नी और शिया मुसलमानों की हमदर्दी ईरान के साथ है, जिसके भारत से पुराने और अच्छे संबंध रहे हैं। मौलाना ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए लिखा कि आपके कार्यकाल में अरब और मुस्लिम देशों से भारत के रिश्ते मजबूत हुए हैं और आपको वहां का सर्वोच्च सम्मान भी मिला है। भारत हमेशा से फिलिस्तीन का समर्थक रहा है, ऐसे में इजराइल की यात्रा से दुनिया भर के मुसलमानों को गहरी ठेस और तकलीफ पहुंचेगी। संवैधानिक मर्यादा और निजी पसंद का दिया वास्ता मौलाना रजवी ने पत्र के अंत में लिखा कि भारत में संवैधानिक तौर पर किसी अपराधी व्यक्ति के साथ मेल-मिलाप करना कानूनी जुर्म की श्रेणी में आता है। उन्होंने दावा किया कि भारत का मुसलमान प्रधानमंत्री को पसंद करता है, लेकिन नेतन्याहू जैसे विवादित व्यक्ति के साथ उनके खान-पान और मुलाकात से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी छवि धूमिल हो सकती है। मौलाना ने पुरजोर गुजारिश की है कि मौजूदा हालातों को देखते हुए प्रधानमंत्री अपनी इस यात्रा को रद्द करें या इस पर गंभीरता से गौर-ओ-फिक्र करें।