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यूपी में PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने 'RAM' पार्टी बनाई:झंडे में तीर और धनुष; बोले- सरकार में बैठे लोग झूठे सनातनी
Feb 23, 2026
यूपी में इस्तीफा देकर राजनीति में उतरे PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को मथुरा में अपनी नई पार्टी का ऐलान किया। पार्टी का नाम राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा यानी RAM रखा है। पार्टी के झंडे में भगवान श्रीराम का तीर- धनुष है। अलंकार ने लोगों के सामने पार्टी का विजन और एजेंडा रखा। कहा, भाजपा से जनरल और ओबीसी वर्ग का मोहभंग हो चुका है। कार्यकर्ताओं ने फरसा, तलवार और बांसुरी भेंट कर उनका स्वागत किया। अलंकार ने कहा- देश के मौजूदा हालात और खास तौर पर UGC रेगुलेशन को लेकर बढ़ते विरोध ने मुझे राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया है। पार्टी का नाम भगवान राम की प्रेरणा से लिया गया है। अलंकार अग्निहोत्री बरेली के नगर मजिस्ट्रेट थे। वह प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान और UGC (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) के नए कानून से नाराज और दुखी थे। उन्होंने 26 जनवरी को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में उन्हें योगी सरकार ने सस्पेंड कर दिया था। देखिए 2 तस्वीरें… अलकार अग्निहोत्री ने यह भी कहा- UGC को लेकर असंतोष: आज पूरे देश में UGC के नए नियमों को लेकर असंतोष का माहौल है। इन नीतियों ने देश के शैक्षणिक और सामाजिक ताने बाने को प्रभावित करने का काम किया है। सरकार में बैठे लोग झूठे सनातनी: वर्तमान सरकार में बैठे लोग खुद को सनातन समर्थक बताते हैं, लेकिन वास्तव में वे “छद्म सनातनी” हैं और मूल मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं। इसी सोच से मुझे एक नए राजनीतिक विकल्प की जरूरत महसूस हुई। युवाओं के अधिकार के लिए काम करेंगे: हमने अपनी नई पार्टी का नाम “राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा” रखा है, जो भगवान राम की प्रेरणा से लिया गया है। पार्टी देश में शिक्षा, युवाओं के अधिकार, पारदर्शिता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा को लेकर काम करेगी। आने वाले समय में पार्टी संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान तेज करेगी। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… 3 सवाल-जवाबों से जानिए अलंकार अग्निहोत्री का एजेंडा और विजन… 1- क्यों पार्टी बनाने की जरूरत पड़ी? अलंकार अग्निहोत्री: भारत के संविधान में श्रीराम और श्रीकृष्ण हमारे मूल्यों के प्रतीक के रूप में मौजूद हैं। भाग-3 में मूल अधिकारों के संदर्भ में श्रीराम का चित्रण है और भाग-4 में श्रीकृष्ण द्वारा गीता का उपदेश दर्शाया गया है। आज हमारे मूल अधिकारों का हनन हो रहा है और पूरे देश में जनतंत्र कमजोर पड़ चुका है। ऐसे हालात में ‘राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा’ के माध्यम से एक आंदोलन खड़ा करना पड़ेगा और एक मजबूत राजनीतिक विकल्प देना होगा। इसी भावना के साथ हमने अपने झंडे में श्रीराम के प्रतीक के रूप में धनुष और श्रीकृष्ण के प्रतीक के रूप में बांसुरी को स्थान दिया है। इसी कड़ी में पार्टी का नाम राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा रखा गया है। 2- क्या सरकार बना पाएंगे? अलंकार अग्निहोत्री: देश में जनतंत्र समाप्त होता जा रहा है। आम जनता की बात सुनने वाला कोई नहीं है। व्यवस्था ऐसे चल रही है, मानो सब एक निजी कंपनी के कर्मचारी बन गए हों। आम और ओबीसी वर्ग पर लगातार गलत कानून थोपे जा रहे हैं। सुनियोजित तरीके से देश को कमजोर किया जा रहा है। यह नीति अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति जैसी प्रतीत होती है। भाजपा से सामान्य और ओबीसी वर्ग का मोहभंग हो चुका है। विभिन्न वर्ग एक नए राजनीतिक विकल्प की उम्मीद कर रहे थे, इसी क्रम में हमने राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा का गठन किया है। आगे चलकर हम जनता का प्रतिनिधित्व करते हुए सरकार बनाने का लक्ष्य रखते हैं। 3- पार्टी के प्रतीक क्या हैं? अलंकार अग्निहोत्री: हमारे आराध्य भगवान परशुराम का फरसा, श्रीराम की तलवार और श्रीकृष्ण की बांसुरी हमारे प्रतीक हैं। हम हर स्तर पर सक्षम हैं और धर्म की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं, चाहे राजनीति में आना पड़े या सिविल सेवा में जाना पड़े, हम हर तरह से तैयार हैं। पूरे देश की जनता मेरे साथ है। पार्टी सनातनी व्यवस्था के अनुरूप काम करेगी और सनातन धर्म को मानने वाले सभी लोगों का उसमें स्वागत होगा। इसके अलावा संवैधानिक व्यवस्था के तहत अल्पसंख्यकों, दलितों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अलग प्रकोष्ठ बनाए जाएंगे। पार्टी में सभी वर्गों के लिए सम्मानजनक स्थान सुनिश्चित किया जाएगा। अलंकार अग्निहोत्री विवाद, जानिए कब क्या हुआ... अब अलंकार अग्निहोत्री के बारे में जानिए … अलंकार अग्निहोत्री कानपुर के रहने वाले हैं। बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था। मां बैंक में थीं। 1998 में यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में अलंकार को 21वां स्थान मिला। इसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय से बीटेक किया और नौकरी करने लगे। 2014 में जब अलंकार के सभी छोटे भाई सेटल हो गए। बहन की शादी हो गई, तो उन्होंने नौकरी छोड़कर UPPCS की तैयारी की और 2019 में एग्जाम क्वालिफाई किया। ……………. ये खबर भी पढ़िए… स्कूली बच्ची पर चढ़ा ट्रक, सिर धड़ से अलग:बैग कंधे पर टंगा रहा; प्रयागराज में मामा के साथ बाइक से जा रही थी
प्रयागराज में स्कूल जा रही 10 साल की बच्ची के ऊपर से ट्रक गुजर गया। उसका सिर धड़ से अलग हो गया। हादसा इतना भीषण था कि सिर सड़क पर ही चिपक गया। उसकी मौके पर मौत हो गई। बच्ची के कंधे पर स्कूली बैग टंगा रहा। पढ़िए पूरी खबर…
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