बच्चों से यौन शोषण मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। उन्हें डर है कि प्रयागराज पुलिस उनकी गिरफ्तारी कर सकती है। 21 फरवरी को FIR दर्ज होने के बाद प्रयागराज पुलिस ने जांच तेज कर दी। कल यानी सोमवार को पुलिस की एक टीम वाराणसी पहुंची। टीम ने स्थानीय पुलिस से शंकराचार्य और उनके करीबियों की जानकारी जुटाई। सूत्रों के मुताबिक, प्रयागराज पुलिस आज शंकराचार्य से पूछताछ करने उनके आश्रम पहुंच सकती है। गिरफ्तारी भी कर सकती है। इसी आशंका को देखते हुए शंकराचार्य ने वकील के जरिए हाईकोर्ट का रुख किया है। इधर, मंगलवार को शंकराचार्य ने वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। मोबाइल पर अजय पाल शर्मा और आशुतोष महाराज की एक तस्वीर भी दिखाई। इसमें अजय पाल शर्मा केक काटते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि आशुतोष महाराज उनके बगल में खड़े हैं। शंकराचार्य ने कहा- इनका नाम अजय पाल शर्मा है। इस समय इनके अधीन ही जांच चल रही है। एक हिस्ट्रीशीटर के साथ पुलिस का बड़ा अफसर बर्थडे सेलिब्रेशन कर रहा है। मेरे खिलाफ सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से किया गया। पूरे सिस्टम को मेरे खिलाफ इसलिए लगाया गया है, ताकि मैं गो-रक्षा अभियान से पीछे हट जाऊं, लेकिन यह संभव नहीं है। जानिए पूरा मामला प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ। इसके 8 दिन बाद यानी 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। शिकायत में माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट का रुख किया। 13 फरवरी को दो बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया।रविवार को पुलिस आशुतोष महाराज के साथ माघ मेला क्षेत्र पहुंची और उस जगह का निरीक्षण किया, जहां शंकराचार्य का शिविर लगा था। अविमुक्तेश्वरानंद यौन शोषण केस से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
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