हमीरपुर ज़िले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक जीवित व्यक्ति को सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया गया। अब वह खुद को ज़िंदा साबित करने के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है। यह मामला मौदहा तहसील क्षेत्र के छानी गांव का है। यहां के निवासी चंद्रशेखर ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि राजस्व विभाग की टीम और क्षेत्रीय लेखपाल ने उसे सरकारी कागजों में मृत घोषित कर दिया है। इसके चलते वह किसी भी शासकीय योजना का लाभ नहीं उठा पा रहा है। चंद्रशेखर का कहना है कि जब उसे इस गड़बड़ी की जानकारी हुई तो वह लेखपाल के पास गया, लेकिन उसे सुधार करने के बजाय पांच हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि लेखपाल ने साफ कहा कि रुपये देने पर ही उसे अभिलेखों में पुनः जीवित दिखाया जाएगा। आर्थिक रूप से कमजोर चंद्रशेखर ने बताया कि वह पांच हजार रुपये देने की स्थिति में नहीं है, इसलिए न्याय की आस लेकर वह जिलाधिकारी की चौखट पर पहुंचा है। उसने प्रशासन से मांग की है कि उसे तत्काल अभिलेखों में जीवित घोषित किया जाए और दोषी कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।