बीएड करने की चाह रखने वाले छात्रों को अब 12वीं के बाद चार साल में बीएड की डिग्री मिल जाएगी। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) के तहत बीए-बीएड और बीएससी-बीएड कोर्स शुरु करेगा। इस कोर्स की खास बात यह है कि बीएड करने के लिए छात्र-छात्राओं को ग्रेजुएशन करने की जरूरत नहीं होगी। बल्कि 12वीं के बाद चार सालों में ही ग्रेजुएशन और बीएड की दोनों डिग्रियां एक साथ प्राप्त की जा सकेंगी। अभी तक की व्यवस्था के अनुसार तीन साल के ग्रेजुएशन करने के बाद दो साल का बीएड करना होता है, जिसमें ग्रेजुएशन के बाद बीएड के लिए अलग से प्रवेश प्रक्रिया होती है। सीएसजेएमयू में शुरु हो रहे कोर्स में 12वीं के बाद दाखिला लेने के बाद चार साल में दोनों डिग्रियां मिल जाएंगी। 50-50 सीटों पर होगा एडमिशन सीएसजेएमयू के एजुकेशन डिपार्टमेंट को नेशनल काउंसिल फार टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) से औपचारिक मान्यता मिल चुकी है। एनसीटीई ने आवश्यक संसाधनों, आधारभूत संरचना, वित्तीय प्रबंधन और योग्य शिक्षकों की उपलब्धता की जांच के बाद यह स्वीकृति दी गई। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर बीए-बीएड और बीएससी-बीएड में 50-50 सीटों की एक-एक इकाई स्वीकृत की गई है। सीएसजेएमयू के मीडिया प्रभारी डॉ. दिवाकर अवस्थी ने बताया कि यह प्रोग्राम एनईपी-2020 के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें विषय ज्ञान के साथ आधुनिक शिक्षण कौशल, डिजिटल शिक्षण तकनीक, विद्यालयी इंटर्नशिप और शोध-आधारित प्रशिक्षण पर विशेष जोर रहेगा। पाठ्यक्रम पूरा करने पर विद्यार्थियों को स्नातक के साथ बीएड की उपाधि मिलेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। एनटीए से करें आवेदन चार साल के बीए बीएड व बीएससी बीएड में की प्रवेश प्रक्रिया में 12वीं उत्तीर्ण या परीक्षा में सम्मिलित हो रहे छात्र शामिल हो सकते हैं। आवेदन National Testing Agency (एनटीए) की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन किए जाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 10 मार्च निर्धारित की गई है।