मेरठ में मंगलवार रात से लापता चल रहे युवक का दूसरे थाना क्षेत्र में शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। व्हाट्सएप ग्रुप पर डाले गए फोटो के जरिए परिजन थाने पहुंचे, जिसके बाद मृतक की पहचान हो पाई। बाद में परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और शव लेकर लौट गए। पहले एक नजर डालते हैं वारदात पर लिसाड़ी गेट में बुधवार दोपहर कुछ लोगों ने एक युवक को सड़क किनारे बैठे देखा। लोगों को लगा कोई नशे की हालत में बैठा हुआ है। देखते ही देखते वह युवक लेट गया और बेसुध हो गया। काफी देर तक जब उसमें कोई हलचल नहीं हुई तो लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने सूचना देकर लिसाड़ीगेट पुलिस को बुला लिया। पहचान ना होने पर शव मोर्चरी भेजा पुलिस मौके पर पहुंची तो युवक की मौत हो चुकी थी। उन्होंने सब की पहचान का प्रयास किया लेकिन किसी ने भी युवक की पहचान नहीं की। इसके बाद पुलिस ने शव का अज्ञात में पंचनामा भरकर उसे मोर्चरी भिजवा दिया। पुलिस ने तरह-तरह से शव की पहचान के प्रयास भी शुरू कर दिए। 2 घंटे बाद हो सकी युवक की पहचान पुलिस ने मृतक की पहचान के लिए क्षेत्र की सभी मस्जिदों में ऐलान कराया। मृतक युवक के फोटो पोस्टर के रूप में क्षेत्र में बटवा दिए। इसके अलावा सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर भी युवक की फोटो डाल दी। कुछ ही देर में परिजनों को सूचना मिल गई और वह लिसाड़ीगेट थाने जाकर पुलिस से मिले। मंगलवार शाम निकला था युवक घर से लिसाड़ी गेट थाने पहुंचे परिजनों ने मृतक की पहचान ब्रह्मपुरी मुमताज नगर काला जादूगर वाली गली निवासी इरशाद उर्फ सोनू पुत्र याकूब के रूप में कर दी। परिजनों ने बताया कि इरशाद उर्फ सोनू नशे का आदी था। वह मंगलवार शाम हर रोज की तरह घर से बाहर निकला था लेकिन वापस नहीं आया। कुछ देर बाद ही इरशाद की पत्नी रानी भी रोते हुए वहां पहुंच गई। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार पहचान होने के बाद पुलिस ने आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी। इरशाद के कई रिश्तेदार भी लिसाड़ी गेट थाने पहुंच गए। उन्होंने इरशाद का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लिखित में मृतक के परिवार से प्रार्थना पत्र लिया और पंचनामे की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिवारजन शव लेकर लौट गए।