मुरादाबाद के 2 तहसीलदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए मुरादाबाद के जिलाधिकारी अनुज कुमार सिंह ने शासन को सिफारिश भेजी है। इनमें से एक तहसीलदार को पिछले दिनों खनन माफिया की गाड़ी में बैठकर खनन की चेकिंग करते पकड़ा गया था। जबकि दूसरे तहसीलदार ने मुरादाबाद में अरबों रुपए की सरकारी जमीन को प्राइवेट व्यक्ति के नाम पर दर्ज कर दिया था। दोनों ही तहसीलदारों के खिलाफ एक्शन के लिए डीएम ने बोर्ड ऑफ रेवेन्यू को सिफारिश भेजी है। SIR का काम चालू होने की वजह से दोनों को फिलहाल उनके पद से हटाया नहीं गया है। दोनों को हटाने के लिए आयोग से अनुमति मांगी गई है। मुरादाबाद जिले की उत्तराखंड से सटी ठाकुरद्वारा तहसील के तहसीलदार प्रवीण सिंह का करीब एक महीने पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें प्रवीण सिंह एक मुस्लिम भाजपा नेता की स्कार्पियो में उसके साथ बैठकर खनन के डंपर चेक करते नजर आ रहे थे। जिस भाजपा नेता की गाड़ी थी वो अवैध खनन और खनन के अवैध ट्रांसपोर्टेशन को लेकर बदनाम है। विवाद बढ़ने के बाद सवाल उठे कि भाजपा नेता की गाड़ी में बैठकर तहसीलदार प्रवीण सिंह अवैध खनन को रोकने गए थे या फिर खुद अवैध खनन करने वालों की मदद करने गए थे ? क्योंकि जिस भाजपा नेता की कार में तहसीलदार सवार होकर खनन के डंपर चेक कर रहे थे वो नेता खुद खनन के अवैध धंधे से जुड़ा है। इस मामले में तहसीलदार प्रवीण सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम अनुज सिंह ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है। दूसरा मामला मुरादाबाद सदर तहसील का है। यहां तैनात तहसीलदार ने धीमरी गांव में 13 बीघा सरकारी भूमि को एक प्राइवेट व्यक्ति के नाम पर दर्ज कर दिया। जबकि पूर्व से यह भूमि राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी भूमि के रूप में दर्ज चली आ रही थी। इस मामले में डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं और सदर तहसीलदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को सिफारिश भेजी है।
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