सम्भल में रमज़ान का पवित्र महीना चल रहा है। हयात नगर थाना क्षेत्र के सराय तरीन मोहल्ला नवाब खेल निवासी खलील मलिक के 7 वर्षीय बेटे अरशान मलिक ने अपना पहला रोज़ा रखा। उन्होंने देश, कौम और समस्त इंसानियत की भलाई के लिए दुआएं मांगीं। छोटी उम्र के बावजूद अरशान के इरादे दृढ़ थे। सुहूरी के समय से ही उनके चेहरे पर रोज़ा रखने की खुशी स्पष्ट दिख रही थी। उन्होंने पूरे दिन धैर्य और कृतज्ञता के साथ रोज़ा रखा। परिवार के सदस्यों के अनुसार, अरशान ने पूरे उत्साह और आदर के साथ इबादत की और रोज़े के महत्व को समझते हुए अल्लाह की याद में मग्न रहे। इफ्तार के समय अजान की आवाज़ गूंजते ही, अरशान ने अपने नन्हे हाथ आसमान की ओर उठाए। उन्होंने मुल्क में अमन-चैन, भाईचारा, तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की। इस दौरान घर का माहौल बेहद आध्यात्मिक हो गया। अरशान ने मासूमियत से कहा, "मैंने सबके लिए दुआ की है," जिससे परिवार के सदस्यों की आंखें नम हो गईं। पहला रोज़ा हर बच्चे के जीवन में एक यादगार अवसर होता है। अरशान मलिक का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण बन गया क्योंकि उनकी दुआ में स्वयं से पहले देश और इंसानियत शामिल थी। परिवार के सदस्य इस पल को यादगार मानते हुए अल्लाह से उनकी इबादत कबूल करने और उन्हें सेहत, कामयाबी तथा खुशियों से नवाजने की दुआ कर रहे हैं। इस अवसर पर खलील मलिक, फरहाना मलिक, इनाया मलिक, अमीरा मलिक, जन्नतुल फिरदौस मलिक, जरीसा बेगम मलिक, मिंजार मलिक और हम्माद मलिक मौजूद रहे।