अलीगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की विरासत को नमन करने के लिए रविवार को अतरौली के गांव ढेंकुरा में नामचीन सियासी हस्तियां पहुंचीं। इस दौरान बाबूजी कल्याण सिंह की प्रतिमा का अनावरण और कल्याण पार्क का उद्घाटन किया गया। इस दौरान उन्नाव सांसद साक्षी महाराज ने अपने चिर-परिचित अंदाज में अधिकारियों को चेतावनी दी, विरोधियों को ललकारा और राम मंदिर आंदोलन के कई अनसुने पन्ने खोले। ​मंच पर कल्याण सिंह के पुत्र राजवीर सिंह ‘राजू भैया’ और पौत्र व यूपी सरकार में मंत्री संदीप सिंह की मौजूदगी में साक्षी महाराज ने लोधी समाज को एकजुट रहने का मंत्र दिया। अधिकारियों को सीधी चेतावनी ​साक्षी महाराज ने मंच से अधिकारियों को मर्यादा याद दिलाते हुए अपना एक पुराना किस्सा सुनाया। बोले कि जब वह पहली बार सांसद बने, तो कहा था कि DM-SP अपना दिमाग सेट कर लें। लोगों ने कहा बाबा पागल हो गया, लेकिन अगले दिन अधिकारी आश्रम आए। अधिकारी बोले–महाराज जी आपने तो देर से कहा, हमने तो कल ही दिमाग सेट कर लिया था। हाथ जोड़ते हुए बोले–जिसकी सरकार होती है, हमें वैसा ही दिमाग सेट करना पड़ता है। अब उत्तर प्रदेश में योगी की सरकार है और योगी का बुलडोजर हमेशा तैयार रहता है। कोई हिल कर तो देखे, उधर दिल्ली में मोदी-शाह बैठे हैं। ‘इस्तीफा जेब में था, पर गोली नहीं चली’ ​साक्षी महाराज ने दावा किया कि 1992 में वे खुद अयोध्या में मौजूद थे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि ​कल्याण सिंह मुख्यमंत्री थे और दिल्ली से गृह मंत्री का फोन आया कि रामभक्त ढांचे पर पहुंच गए हैं। कल्याण सिंह ने जवाब दिया था कि आपको गलत सूचना है, वह ढांचे पर चढ़ चुके हैं। इस पर गृहमंत्री ने कहा कि आप क्या कर रहे हैं, तो कल्याण सिंह ने स्पष्ट कहा था कि 'नोट कर लो, कल्याण सिंह गोली नहीं चलाएगा। मुझे कुर्सी की परवाह नहीं है।’ सवा नौ बजे इस्तीफा लिखा और दिया चार बजे ​साक्षी महाराज कहा कि ढांचे पर उन्होंने जैसे ही पहला हथौड़ा चलाया रामभक्त उसके ऊपर चढ़ गए। बाबूजी कल्याण सिंह ने सवा नौ बजे ही इस्तीफा लिख दिया था। उस समय वहां संघ के एक बड़े अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने साक्षी महाराज से कहा कि कल्याण सिंह उनकी ही बात मानते हैं। इसलिए वह फोन कर उन्हें राज्यपाल के पास जाकर इस्तीफा देने से रोक दें। कल्याण सिंह ने साक्षी महाराज की बात मानी। इसके बाद ढांचा पूरी तरह ध्वस्त होने के बाद ही वह चार बजे इस्तीफा देने गए। अगर कल्याण सिंह न होते, तो दुनिया की कोई ताकत अयोध्या में मंदिर नहीं बना सकती थी। उन्होंने 560 साल पुराना विवाद चुटकियों में निपटा दिया। गजवा-ए-हिंद नहीं, विकसित भारत बनेगा ​सांसद ने विपक्ष और कट्टरपंथियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र (गजवा-ए-हिंद) बनाने का सपना देख रहे थे, लेकिन मोदी ने उसे ‘विकसित भारत’ के संकल्प में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत तब बनेगा जब झुग्गी-झोपड़ी के इंसान को छत मिलेगी। ​लोधी समाज और 'खुद्दारी' का संदेश ​साक्षी महाराज ने लोधी समाज की शक्ति को रेखांकित करते हुए सरकार और संगठन को भी आईना दिखाया। बोले– ​’मैं मांग के न पियूं ये मेरी खुद्दारी है, इसका मतलब ये नहीं कि मुझे प्यास नहीं है।’ बोले कि सत्ता और संगठन में 'सम्मानजनक साझेदारी' चाहिए। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ के लोग बाबूजी के खून (राजू भैया और संदीप सिंह) का सम्मान करना सीखें। साथ ही चेतावनी दी कि जिस दिन राजू भैया कह देंगे, तीसरा नेत्र खोल दूंगा और भूचाल आ जाएगा। हम बाबा हैं, रेल में रहें या जेल में, कोई फर्क नहीं पड़ता। ​योगी को बाबा नहीं मानते और खुद हैं नहीं साक्षी महाराज ने कहा कि कुछ तो योगी को बाबा ही नहीं मानना चाहते हैं और खुद भी हैं नहीं। फर्जी डिग्रियां लेकर घूम रहे हैं। वहीं, ​अविमुक्तेश्वरानंद पर बोले कि यौन शोषण की FIR पर जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। वे कहीं न कहीं से प्रेरित हैं, उन्होंने कुंभ में प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना की।