लखनऊ में पैथोलॉजी मालिक पिता की बेटे ने इसलिए हत्या की क्योंकि पिता उस पर MBBS करने का दबाव डालते थे। पिता उसे पढ़-लिखकर डॉक्टर बनने को कहते थे। लेकिन, वह इस जिद पर था कि MBBS के लिए उसके साथ जबरदस्ती न करें। पैथोलॉजी लैब की जगह लॉन या रेस्टोरेंट खोल लीजिए। यह बिजनसे ज्यादा अच्छा रहेगा। इसी बात पर 20 फरवरी को दोनों बाप-बेटे में बहस हो गई। बेटे ने पिता की लाइसेंसी राइफल निकालकर उन्हें ही गोली मार दी। इसके बाद शव को काट-काटकर ठिकाने लगाने लगा। सिर को कहीं फेंक चुका था। धड़ घर में ही नीले ड्रम में छिपाकर रख दिया था। वारदात आशियाना कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर-L की है। मानवेंद्र सिंह की उनके ही बेटे अक्षत ने हत्या कर दी। पहले पूरा मामला पढ़िए… आशियाना सेक्टर-L में मकान नंबर-91 में मानवेंद्र सिंह अपने बेटा (21) और बेटी (17) के साथ रहते थे। उनकी पत्नी का निधन 9 साल पहले ही हो गया था। पुलिस के अनुसार, मानवेंद्र 20 फरवरी को लापता हो गए। बीकॉम कर रहे उनके बेटे अक्षत ने 23 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि मेरे पिता 20 फरवरी की सुबह 6 बजे दिल्ली जाने की बात कहकर निकले। अभी तक वापस नहीं आए हैं जबकि 21 फरवरी की दोपहर तक वापस आने को कहकर गए थे। उनके तीनों मोबाइल नंबर भी लगातार बंद आ रहे हैं। हम लोग उनके न आने से परेशान हैं। पुलिस ने जब मानवेंद्र को ढूंढना और बेटे से उनके बारे में पूछना शुरू किया तो उसके हावभाव ठीक नहीं लगे। इस पर पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की तो बताया कि पापा ने सुसाइड कर लिया है। पुलिस ने और कड़ाई की तो बताया कि उसने हत्या कर दी है। पुलिस घर शव जब्त करने गई तो पता चला कि बॉडी आधी ही मिली। अब पढ़िए बेटे की पहले की करतूतें… चार साल पहले 6 पन्ने की चिठ्ठी लिखकर भागा पड़ोसी धर्मेंद्र ने बताया कि चार साल पहले अक्षत घर से भाग गया था। उस दौरान फिल्मी स्टाइल में 6 पन्ने का लेटर लिखकर गया था। जिसमें उसने लिखा था कि वह MBBS नहीं करना चाहता है, उसके साथ जबरदस्ती न करें। पैथोलॉजी को बंद करके लॉन या रेस्टोरेंट खोलने की सलाह दी थी। इसके बाद पिता के समझाने पर एक दिन में वापस आ गया। हालांकि उसके बाद से मानवेंद्र ने प्रेशर बनाना छोड़ दिया था। बस कभी कभार बातचीत में उसकी फिक्र करके चर्चा कर लेते थे। खुद में रिजर्व रहता था, किसी से कोई विवाद नहीं मोहल्ले में बहुत किसी से मतलब नहीं रखता था। अगर कभी आमना सामना हुआ तो नमस्ते कर लेता। मोहल्ले में कोई खास दोस्ती भी नहीं थी। जबकि, मानवेंद्र सिंह एक उसके उलट थे। मोहल्ले में सबसे बातचीत करना, सभी को जोड़कर चलने वाले थे। वह हर त्यौहार को काफी उत्साह से मनवाते। कोई न कोई आयोजन करते रहते थे। पार्क में रामलीला करवाते थे जिसमें अक्षत मेघनाद का रोल करता था। बस उस दौरान ही सबके साथ रहता था। NEET की तैयारी के लिए बनाते थे दबाव पुलिस उपायुक्त सेंट्रल विक्रांत वीर सिंह ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि मानवेंद्र सिंह बेटे पर प्रतियोगी परीक्षा NEET की तैयारी का दबाव बनाते थे। इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और उसी दौरान लाइसेंसी राइफल से बेटे ने गोली मार दी। हाथ-पैर काटकर कहीं फेंक दिया। बाकी धड़ घर के अंदर ही ड्रम में छिपा दिया था। आरोपी बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। थाने में दर्ज गुमशुदगी को ही साक्ष्यों के आधार पर हत्या में बदलाव कर दिया जाएगा। पिता की हत्या के बाद अक्षत ने राइफल गद्दे के नीचे छुपा दी थी। पुलिस ने पूछताछ की तो अक्षत ने गद्दे के नीचे से राइफल निकालकर उन्हें दी। पुलिस ने राइफल कब्जे में ले लिया है। अब पढ़िए पड़ोसी और पुलिस की बात… पड़ोसी बोले- 19 फरवरी के बाद नहीं दिखे मानवेंद्र पड़ोस में रहने वाले मानवेंद्र सिंह के दोस्त धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि 19 फरवरी को अंतिम बार मुलाकात हुई थी। वह एक दावत से लौटकर आए थे। अगले दिन से किसी को मिले नहीं तो उनके बेटे से पूछा तो जवाब दिया कि दिल्ली गए हैं। पिता-पुत्र में अक्सर विवाद होता तो लगा शायद नाराज होकर चले गए हैं। लेकिन, दो दिन बीतने के बाद फिर जानकारी की गई तो भी कुछ पता चला। इसके बाद पूछा गया तो बेटा बोला कि लापता हो गए हैं। आसपास के इलाके में खोज कर रहा था। पुलिस बोली- शरीर के कई अंग गायब थे घटना की जानकारी होने पर पुलिस ने आरोपी बेटे से कड़ाई की तो वह टूटा गया और पूरी घटना बताई। इसके बाद पुलिस घर पहुंची और शव को कब्जे में लेने लगी तो आधी ही बॉडी मिली। शरीर के कई अंग गायब थे। इस बारे में पूछने पर बताया कि शरीर के टुकड़े करके काकोरी इलाके में फेंक दिया है। लड़के के बयान के अनुसार, पुलिस ने घर में तलाशी ली तो होश उड़ाने वाला माहौल था। मानवेंद्र सिंह की डेडबॉडी के कई अंग गायब थे। इसके बाद करीब 8 घंटे तक पुलिस घर में मौजूद रहकर जांच करती थे। देररात शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। जालौन का रहने वाला है परिवार मानवेंद्र सिंह मूल रूप से जालौन जिले के रहने वाले थे। उनके पिता सुरेंद्र पाल सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस से रिटायर्ड हैं। वह लाठी के सहारे मौके पर पहुंचे हैं। आरोपी अक्षत बीकॉम का छात्र है। मानवेंद्र की पत्नी की 9 साल पहले मौत हो चुकी है। परिवार में बेटा अक्षत और बेटी कृति है। कृति एपीएस में 11वीं की छात्रा है। मानवेंद्र का छोटा भाई एसएस रजावत उत्तर प्रदेश पुलिस में हैं। इस समय उनकी तैनाती सचिवालय में है। पुलिस उपायुक्त मध्य विक्रांत वीर ने बताया- मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी दर्ज की गई थी। जांच में सामने आया कि उनके बेटे अक्षत ने गोली मारकर हत्या की है। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आज उसके बताए ठिकानों पर बॉडी के पार्ट खोजे जाएंगे। -------------------------------- संबंधित खबर भी पढ़िए… लखनऊ में पैथोलॉजी मालिक पिता को काटकर नीले ड्रम में भरा : सिर गायब, बेटे ने काटने से पहले गोली मारी; बहन को धमकाया लखनऊ में पैथोलॉजी लैब के मालिक की 21 साल के बेटे ने गोली मारकर हत्या कर दी। शव को कई टुकड़ों में काटा। फिर उसे नीले ड्रम में भर दिया। पैथोलॉजी मालिक तीन दिन से लापता थे। बेटे ने ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। लेकिन पूछताछ में उसने कई बयान दिए, जिस पर पुलिस को संदेह हुआ। कड़ाई से पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। (पूरी खबर पढ़िए)