"अनुज चौधरी हमारे ही जिले में सब इंस्पेक्टर था, वहीं इंस्पेक्टर हुआ, फिर CO हुआ! उसे चुलबुल पांडेय बनने का शौक है": राजकुमार भाटी
यह राजकुमार भाटी जी (समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता) का बयान है, जो उन्होंने एक पॉडकास्ट या इंटरव्यू में अनुज चौधरी (उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी) के बारे में दिया। उनका कहना है कि अनुज चौधरी उनके ही जिले (मुख्य रूप से नोएडा/गाजियाबाद या मुजफ्फरनगर क्षेत्र से जुड़े) में सब-इंस्पेक्टर से शुरू होकर वहीँ इंस्पेक्टर और फिर सर्कल ऑफिसर (CO) बने, और उन्हें "चुलबुल पांडेय" (फिल्मी स्टाइल में दबंग/ड्रामेबाज पुलिसवाले की छवि, जैसे सलमान खान की फिल्म Dabangg से) बनने का शौक है।
अनुज कुमार चौधरी एक चर्चित यूपी पुलिस अधिकारी हैं:
मूल रूप से मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले।
खेल कोटे (कुश्ती में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल, अर्जुन अवॉर्ड विजेता 2004) से 2000-2001 में सब-इंस्पेक्टर के रूप में भर्ती हुए।
2003 में इंस्पेक्टर, 2012 में डिप्टी एसपी/CO स्तर पर प्रमोशन।
हाल ही में (2025 में) एडिशनल एसपी (ASP) बने – यूपी पुलिस में स्पोर्ट्स कोटे से ऐसे पद तक पहुंचने वाले पहले अधिकारी बताए जाते हैं।
संभल में CO रहते हुए 2024 की हिंसा (शाही जामा मस्जिद सर्वे से जुड़े दंगों) में कड़ी कार्रवाई के लिए चर्चित/विवादित रहे – पुलिस फायरिंग के आदेश दिए, खुद घायल भी हुए।
रामपुर में तैनाती के दौरान आजम खान से बहस/विवाद भी हुआ।
योगी सरकार ने उनका समर्थन किया, जैसे "पहलवान की बात है" कहकर।
वर्तमान में (2025-2026) फिरोजाबाद में ADDL. SP (Rural) के पद पर हैं।
सोशल मीडिया पर खुद को फिटनेस/हनुमान भक्त/दबंग स्टाइल में पेश करते हैं, कुछ लोग उन्हें "Singham" या "चुलबुल पांडेय" कहते हैं।
राजकुमार भाटी का यह बयान राजनीतिक संदर्भ में है – वे अनुज के व्यवहार को अहंकारी/दादागिरी वाला बताते हैं और प्रमोशन पर सवाल उठाते हैं। यह सपा vs भाजपा/योगी सरकार के बीच आम तंज बन गया है। कुछ लोग इसे सराहते हैं, तो कुछ अनुज के समर्थक इसे ईर्ष्या या राजनीतिक हमला कहते हैं।
कुल मिलाकर, अनुज चौधरी एक सफल खिलाड़ी से पुलिस अधिकारी बने हैं, लेकिन उनके बयान और एक्शन (जैसे होली-जुमे पर कमेंट्स या दंगों में रुख) से विवाद भी जुड़े हैं।
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