सुल्तानपुर में संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारी संघ ने बुधवार को संविदा कार्मिकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान और राज्य-आधारित व्यवस्था निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। संघ ने बताया कि NHM के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारी गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। दिवाली 2023 से वेतन भुगतान में लगातार देरी हो रही है, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हैं। इससे किराया, बच्चों की शिक्षा, पारिवारिक जिम्मेदारियां और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति मुश्किल हो गई है। कर्मचारियों के अनुसार, SNA-SPARSH प्रणाली में तकनीकी बाधाओं के कारण वेतन समय पर नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनका मनोबल प्रभावित हो रहा है। इन कर्मचारियों ने कोविड महामारी के दौरान, नियमित टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य किया है। अपनी मांगों में, संघ ने SNA-SPARSH प्रणाली की बाधाओं को दूर कर प्रत्येक माह की 3 तारीख से पहले नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की अपील की है। इसके साथ ही, लंबित वेतन का तुरंत भुगतान करने की भी मांग की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के कुल बजट का न्यूनतम 9-10 प्रतिशत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए निर्धारित किया जाए। अन्य प्रमुख मांगों में PHS मानकों के अनुसार नए पदों का सृजन करना शामिल है। संघ ने 10 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके अनुभवी कार्मिकों के समायोजन के लिए नीति बनाने की मांग की है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश की तर्ज पर स्पष्ट एवं पारदर्शी वेतन नीति निर्धारित कर वेतन विसंगतियों को दूर करने की भी अपील की गई। संघ ने वरिष्ठता का सम्मान सुनिश्चित करने और सामाजिक सुरक्षा (स्वास्थ्य बीमा, ईपीएफ, ग्रेच्युटी) तथा सेवा स्थिरता प्रदान करने की भी मांग की। संघ ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेकर हजारों स्वास्थ्य कर्मियों को न्याय मिलेगा।