गृह मंत्री अमित शाह ने 'सिद्धार्थनगर महोत्सव-2026' के लिए शुभकामना संदेश जारी किया है। उन्होंने इस आयोजन को सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक विरासत का उत्सव बताया। अपने संदेश में गृह मंत्री ने कहा कि भगवान गौतम बुद्ध की तपोभूमि सिद्धार्थनगर में आयोजित यह महोत्सव करुणा, अहिंसा और मानवता के शाश्वत विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है। शाह ने महोत्सव के अवसर पर प्रकाशित की जा रही 'स्मारिका' की सराहना की। उन्होंने इसे एक दूरदर्शी पहल बताया, जो भगवान बुद्ध के जीवन-दर्शन और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। गृह मंत्री ने जनपद की विशिष्ट पहचान 'काला नमक चावल' का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने इसे जिले की समृद्ध कृषि और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बताया। शाह ने कहा कि अपनी अनुपम सुगंध और विशिष्ट स्वाद के लिए प्रसिद्ध यह चावल किसानों की पारंपरिक ज्ञान-परंपरा, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्त उदाहरण है। अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बौद्ध धर्म के संरक्षण और वैश्विक विस्तार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन, बौद्ध सर्किट के विकास, पाली भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा और नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार जैसे कदमों का उल्लेख किया। गृह मंत्री ने कहा कि ये सभी कदम भारत की आध्यात्मिक विरासत को विश्व-पटल पर नई पहचान दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 'सिद्धार्थनगर महोत्सव-2026' राष्ट्र और विश्व कल्याण की दिशा में सकारात्मक चेतना का माध्यम बनेगा। शाह ने कहा कि यह महोत्सव आने वाली पीढ़ियों के लिए आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक प्रेरणा का स्थायी स्रोत सिद्ध होगा।