अयोध्या में विधिक जागरूकता और जनकल्याण को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय परिसर में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सौरभ लवानिया, न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने किया। शिविर का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की जानकारी और जरूरतमंदों को त्वरित विधिक सहायता उपलब्ध कराना रहा। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा, जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। 25 हजार लाभार्थियों को लाभ मेगा शिविर में 25 हजार से अधिक लाभार्थियों को चिन्हित कर योजनाओं से जोड़ा गया, जबकि 18 विभागों के 197 लाभार्थियों को मौके पर ही सहायता प्रदान की गई। विधिक परामर्श, प्रपत्रों की पूर्ति और योजनाओं के पंजीकरण की प्रक्रिया एक ही स्थान पर पूरी कराई गई, जिससे लोगों को राहत मिली। जागरूकता कार्यक्रम बने आकर्षण कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा भ्रूण हत्या पर आधारित नाटक ने सामाजिक संदेश दिया। इसके साथ ही सीपीआर प्रशिक्षण, अग्निशमन मॉक ड्रिल और आत्मरक्षा प्रदर्शन ने उपस्थित लोगों को व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। आयोजकों के अनुसार ऐसे कार्यक्रम विधिक सशक्तीकरण के साथ नागरिक सुरक्षा जागरूकता भी बढ़ाते हैं। विधिक सशक्तीकरण की दिशा में पहल विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित शिविरों से गरीब और वंचित वर्ग को न्याय प्रणाली से जुड़ने में मदद मिलती है। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने मौके पर मिली कानूनी सहायता और योजनाओं की जानकारी को उपयोगी बताया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय न्यायाधीश सौरभ लवानिया ने बताया कि “विधिक सेवा का उद्देश्य केवल अदालत तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंदों तक न्याय पहुंचाना है। ऐसे शिविर समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाते हैं।”