कानपुर में अधिवक्ता राजाराम मर्डर केस में चार साल बाद अब परिवार के लोग इंसाफ की मांग को लेकर सड़क पर उतरे हैं। परिवार के लोगों ने पैदल मार्च निकाला। हत्याकांड में शामिल पर्दे के पीछे सफेदपोश को जेल भेजने की मांग की। घरवालों ने पुलिस के सामने 6 मांगों को रखा है। वहीं पुलिस इस मर्डर केस की दोबारा जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही आरोपियों को अरेस्ट करके जेल भेजा जाएगा। चार साल पहले अधिवक्ता राजाराम का हुआ था मर्डर नवाबगंज थाना क्षेत्र के गंगा नगर सहकारी आवास समिति नवाबगंज निवासी अधिवक्ता राजाराम की 22 दिसंबर 2021 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में अब मृतक राजाराम के बेटे अधिवक्ता नरेन्द्र देव ने हत्याकांड की जांच पर सवाल उठाते हुए एक बार फिर से पूरे केस की जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि हत्याकांड में पुलिस ने शूटरों को तो जेल भेज दिया था, लेकिन इस साजिश के पीछे शामिल सफेदपोश आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने छह सूत्रीय मांगों को रखते हुए मामले की दोबारा जांच करने और आरोपियों को अरेस्ट करके जेल भेजने की मांग की है। मामले में उनकी तहरीर पर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने दोबारा जांच का आदेश दिया है, लेकिन आरोप है कि प्रभावशाली लोग जांच को प्रभावित कर रहे हैं। इस वजह से उन्होंने इंसाफ के लिए यह पैदल मार्च निकाला है। अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो कानपुर से लेकर लखनऊ तक इंसाफ के लिए संघर्ष करेंगे। इस पैदल मार्च में मृतक के बेटे नरेन्द्र देव और उनके परिवार के लोगों के साथ ही नजदीकी शामिल रहे। इन प्रमुख मांगों को रखा