कानपुर के पनकी स्थित PSIT इंजीनियरिंग कॉलेज में बुधवार सुबह छात्रों ने हंगामा कर दिया। सैकड़ों छात्रों ने कॉलेज में घुसकर तोड़फोड़ की। दरवाजे, खिड़की, टेबल तोड़ दी। मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स PAC पहुंची है। दरअसल, सोमवार को कैंपस में निर्माण काम में लगी जेसीबी से टकरा कर BCA फाइनल ईयर के छात्र की मौत हो गई थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि छात्र की किडनी, लंग्स, पैनक्रियाज डैमेज हो गया था। इसी के विरोध में छात्र न्याय की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज कैंपस में चल रहे निर्माण काम के दौरान सुरक्षा इंतजाम न होने से यह हादसा हुआ। वहीं, कॉलेज प्रबंधन ने घटना को कैंपस के बाहर का मामला बताया। मृतक की पहचान प्रखर सिंह निवासी रतनलाल नगर के रूप में हुई। 3 तस्वीरें देखिए- गेट पर गार्ड ने छात्रों के साथ अभद्रता की बुधवार सुबह करीब 10 बजे कॉलेज पहुंचे छात्रों ने गेट पर नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप है कि गेट पर तैनात कुछ गार्डों ने छात्रों के साथ अभद्रता की, जिससे छात्रों का गुस्सा और भड़क गया। गुस्साए छात्र कॉलेज परिसर में घूम-घूम कर हंगामा करने लगे। कॉलेज में दरवाजों के कांच तोड़े। स्थिति बिगड़ती देख कॉलेज मैनेजमेंट ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सचेंडी और पनकी थाने की फोर्स मौके पर पहुंची। छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ। छात्रों ने साथी प्रखर की मौत के बाद कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। जानिए पूरा मामला धूल के गुबार में प्रखर कुछ देख न सका रतनलाल नगर निवासी प्रभाकर सिंह खाद कारोबारी है। परिवार में पत्नी प्रियंका, दो बेटे प्रखर सिंह (21) और प्रवीण सिंह है। केशवपुरम निवासी चचेरे भाई अभय सिंह ने बताया- प्रखर PSIT कॉलेज में BCA फाइनल ईयर का छात्र था, जबकि प्रवीण लखनऊ की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहा है। अभय के मुताबिक रोजाना की तरह प्रखर सोमवार को बाइक से कॉलेज गया था। शाम करीब 5 बजे छुट्टी होने के बाद वह कॉलेज के पीछे स्थित गेट से बाहर निकल रहा था। बताया कि कॉलेज कैंपस के पिछले हिस्से में काफी समय से निर्माण काम चल रहा है। प्रखर की बाइक के आगे से एक कार तेज स्पीड में गुजरी, जिससे धूल का गुबार उड़ा। जिस कारण प्रखर को कुछ दिखाई नही पड़ा और वह आगे खड़ी जेसीबी में जा टकराया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। रात 2 बजे डॉक्टरों ने मृत घोषित किया साथी छात्र उसे कल्याणपुर स्थित बीएमसी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां से उसे रेफर कर दिया गया। परिजन उसे सर्वोदय नगर स्थित रीजेंसी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान रात करीब 2 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं मामले में PSIT के ग्रुप डायरेक्टर प्रो. मनमोहन शुक्ला ने कैंपस में इस प्रकार की घटना से इंकार किया है। उन्होंने बताया कि कॉलेज से 200 मीटर दूरी पर छात्र का एक्सीडेंट हुआ था। -------------------- ये खबर भी पढ़िए- छात्र को 33 बेल्टें मारी, 12 थप्पड़ जड़े, कानपुर में कॉन्स्टेबल के बेटे समेत 6 लड़कों ने 1 घंटे तक पीटा कानपुर में कांस्टेबल के बेटे ने 6 दोस्तों के साथ मिलकर एक छात्र की बेल्टों से पिटाई की। पार्क में पकड़कर करीब 1 घंटे में 33 बार बेल्ट से मारा और 12 थप्पड़ जड़े। इसके बाद छात्र से कान पकड़कर माफी मंगवाई। पीटने के बाद आरोपियों ने छात्र को धमकाते हुए कहा- ये तीन शक्लें पहचान लो, बाबूपुरवा में जीना दुश्वार कर देंगे… चेहरे पर मांस नहीं बचेगा। छात्र के परिजनों का आरोप है कि शिकायत करने पहुंचे, तो युवक के पिता ने दबाव बनाते हुए समझौता करा दिया। पढ़ें पूरी खबर…
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