कानपुर के चकेरी में CBCID से रिटायर्ड इंस्पेक्टर के बेटे ने जहर खाकर जान दे दी। पिता ने बताया कि इकलौते बेटे ने बीफार्मा किया था, लेकिन नौकरी न लगने और चार माह पहले मां की मौत से परेशान चल रहा था। मंगलवार को छत पर जाकर उसने जहर खाया और नीचे उतर कर परिजनों ने बाय कर कहा कि मैं जा रहा हूं, मुझे मां बुला रही हैं। इसके बाद तबीयत बिगड़ी। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। तीन साल पहले रिटायर हुए थे इंस्पेक्टर घाऊखेड़ा निवासी मुन्नीलाल सिंह ने बताया कि वह CBCID में इंस्पेक्टर पद पर तैनात थे। तीन साल पहले वह लखनऊ स्थित हेडक्वार्टर से रिटायर हुए। परिवार में इकलौता बेटा अमर सिंह (38), बहू नेहा और पौत्री कृतिका (13) है। बेटी मीनू की शादी हो चुकी है। मुन्नीलाल ने बताया कि बेटे अमर ने बीफार्मा का कोर्स किया था, लेकिन उसकी नौकरी नहीं लग रही थी। अमर और उसके साथियों ने नौकरी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की थी, जिसकी जल्द सुनवाई भी थी। अमर फूड डिलीवरी का काम करने लगा था नौकरी न लगने की वजह से वह अक्सर तनाव में रहता था। अमर फूड डिलीवरी का काम करता था। शराब पीने लगा था। मुन्नीलाल के मुताबिक, अमर की मां मायादेवी की चार माह पहले बीमारी के कारण मौत हो गई, जिसके बाद से वह और परेशान रहने लगा था। मंगलवार सुबह 10 बजे उसने खाना खाया था। इसके बाद वह बिजली का बिल भरने की बात करने लगा। कुछ देर बाद अमर ने मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए पिता से पैसे मांगे, जिस पर उन्होंने 300 रुपए दिए। कांशीराम अस्पताल में मृत घोषित किया इसके बाद अमर घर से चला गया। दोपहर बाद वह घर वापस आया और सीधे छत पर चला गया। पिता ने बताया कि कुछ देर बाद वह नीचे आया और सबसे बाय करते हुए बोला कि अब मैं जा रहा हूं, मुझे मां बुला रही है। परिजन कुछ समझते तब तक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे आनन फानन में कांशीराम अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चकेरी इंस्पेक्टर अजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि पूछताछ में परिजनों ने बताया कि अजय मां की मौत के बाद से परेशान था। मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
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