हरियाणा के करनाल में टायर पिघलाकर फर्नेस ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री में जोरदार धमाका हो गया। धमाके के बाद रिएक्टर मशीन से आग और कार्बन तेज गति से बाहर निकला, जिससे पास खड़े चार मजदूर बुरी तरह झुलस गए। घायलों को पहले करनाल के अस्पतालों और बाद में रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। दरअसल, फैक्ट्री की रिएक्टर मशीन में 12 से 14 घंटे तक टायर पिघलाए जाते हैं, जिसके बाद ऑयल निकालने के लिए उसका मेन दरवाजा खोला जाता है। जिसे खोलते ही तेज धमाका हुआ। मामले में अब पुलिस ने कंपनी मालिकों और केयरटेकर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला… पहले भी की थी सुरक्षा की मांग मुराली के अनुसार उन्होंने तीन से चार बार कंपनी मालिक सुमित, राहुल और केयरटेकर बलराज से सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की थी। हर बार जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर बात टाल दी गई। अस्पताल कराया गया भर्ती 21 फरवरी को करीब 1:30 बजे चौकी मंगलौरा इंचार्ज को 4 लोगों के आग से जलने की सूचना मिली। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। डॉक्टरों ने संजय, रामावध और जनार्धन को गंभीर हालत में पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। इसके बाद पुलिस मेडलाइन अस्पताल करनाल पहुंची, जहां मुकुरघुन को अनफिट बताया गया। 22 फरवरी को पुलिस टीम रोहतक पीजीआई पहुंची, जहां तीनों घायलों को बयान देने के लिए अनफिट घोषित किया गया। परिजनों के बयान पर कार्रवाई ट्रॉमा सेंटर के बाहर पीड़ितों के परिवार के बयान लिए गए। मुराली सहानी ने लिखित बयान दिया। बयान के मुताबिक, कंपनी मालिक राहुल, सुमित और केयरटेकर बलराज ने समय पर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए। इसी लापरवाही के कारण मजदूरों को गंभीर चोटें आईं। 22 फरवरी को दर्ज हुआ मुकदमा बीती रात 22 फरवरी को पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जाएगी। मंगलौरा चौंकी इंचार्ज मनजीत कुमार ने बताया कि पुलिस ने शिकताय के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। चारों घायलों को इलाज रोहतक पीजीआई में चल रहा है, पुलिस इस मामले में हर पहलू पर गहनता से जांच कर रही है।