प्रदेश के कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने बुधवार को आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से सघन मछली पालन को बढ़ावा देने पर जोर दिया और कहा कि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। दौरे के दौरान मंत्री औलख के साथ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विजेंद्र सिंह, निदेशक प्रसार राम बटुक सिंह तथा कृषि महाविद्यालय के डीन धीरेंद्र प्रताप सिंह मौजूद रहे। उन्होंने मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण किया। इनमें मखाना की उन्नत खेती, सघन मछली पालन इकाई, रंगीन मछलियों के बीज उत्पादन केंद्र और कुक्कुट सह-मत्स्य पालन प्रणाली शामिल रही। मंत्री ने स्वयं मछलियों को दाना खिलाकर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और वैज्ञानिकों से उत्पादन क्षमता तथा विपणन संभावनाओं पर चर्चा की। मत्स्यकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. सीपी सिंह ने मंत्री को रंगीन मछलियों के बीज उत्पादन की तकनीक, उनकी मांग और किसानों के लिए आय सृजन के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात मंत्री ने रामदाना और किनोवा जैसी पोषक फसलों की खेती का निरीक्षण किया तथा संबंधित वैज्ञानिकों से उनके उत्पादन, बाजार और पोषण संबंधी महत्व पर चर्चा की। मंत्री ने जीपीबी फार्म का भी भ्रमण किया, जहां चना, अरहर, मसूर, मटर, राजमा और सरसों की फसलों का जायजा लिया। उन्होंने वैज्ञानिक प्रयोगों और नई प्रजातियों के विकास संबंधी शोध कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में हो रहे अनुसंधान किसानों की आय बढ़ाने, आत्मनिर्भर कृषि को प्रोत्साहन देने और तकनीक आधारित खेती को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बलदेव सिंह औलख ने वैज्ञानिकों से कहा कि अब किसान भी मोटे अनाज की खेती करना शुरू कर दिया है उन्होंने कहा कि दलहन और तिलहन का क्षेत्रफल लगातार बढ़ रहा है।