कासगंज बस स्टैंड पर रोडवेज बस चालक और परिचालकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पुलिस पर बस स्टैंड का प्रवेश द्वार बंद करने और बसों के अवैध चालान करने का आरोप लगाते हुए चालकों ने अपनी बसों को स्टैंड और आसपास खड़ा कर दिया है। इस प्रदर्शन के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी चालक बसों में सवारियों को नहीं चढ़ने दे रहे हैं, जिससे बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ जमा हो गई है। कई यात्री अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान, चालक आने वाली बसों से भी सवारियों को उतरवाकर अपना विरोध जता रहे हैं। चालकों और परिचालकों का आरोप है कि यातायात पुलिस ने बस स्टैंड पर वन-वे व्यवस्था लागू की है और प्रवेश द्वार को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया है। इसके चलते उन्हें बसों में डीजल भरवाने और स्टैंड में प्रवेश करने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। उनका यह भी आरोप है कि जब वे बस स्टैंड पर सवारियों को उतारते या चढ़ाते हैं, तो यातायात पुलिस द्वारा बसों का गलत तरीके से चालान कर दिया जाता है। बस चालक चंद्रवीर गुप्ता ने बताया कि यातायात पुलिस ने मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बस स्टैंड के अंदर खड़ी या साफ-सफाई हो रही बसों का भी चालान किया जाता है। आज सचिन नामक एक बस चालक की बस का चालान कर उसे सीज कर दिया गया, जब वह सवारियां उतार रहा था। प्रदर्शनकारी बंद किए गए गेट को खोलने और यातायात प्रभारी लक्ष्मण सिंह के तबादले की मांग कर रहे हैं। यह प्रदर्शन एक घंटे से अधिक समय से चल रहा है, लेकिन अभी तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर प्रदर्शनकारियों से बात करने को तैयार नहीं हुआ है। इससे प्रदर्शन और तेज होने की आशंका है।