गंगा व सहायक नदियों में डाल्फिन की गणना के लिए अभियान चलाया जाना है। इसके लिए सारनाथ स्थित बुद्धा थीम पार्क एथनिक रिज़ॉर्ट में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के प्रथम सत्र तकनीकीसत्र रहा जिसमें डाल्फिन की गणना करते समय उपयोग किये जाने वाले उपकरणों तथा गणना के तरीकों के बारे में विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दूसरे एवं अंतिम सत्र में नमो घाट पर गंगा नदी में डाल्फिन गणना का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में वाराणसी वन प्रभाग, काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर, भदोही वन प्रभाग, गाजीपुर वन प्रभाग बलिया वन प्रभाग एवं मिर्जापुर वन प्रभाग के क्षेत्रीय वनाधिकारी, उप क्षेत्रीय वनाधिकारी, वन दरोगा व वन रक्षक द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम में भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून के वैज्ञानिक डॉ. विनीत सिंह, अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। बी. शिवशंकर प्रभागीय वनाधिकारी वाराणसी एवं अरविंद कुमार उप प्रभागीय वनाधिकारी, वाराणसी द्वारा डॉल्फिन को संरक्षित रखने के लिए संबोधन किया। गणना वर्ष-2025 से 2027 तक गंगा व इसकी समस्त सहायक नदियों में भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून द्वारा राज्य वन विभाग के सहयोग से की जा रही है।
Reader Comments