गोंडा जिले में 114 साल पुराने बिसुही पुल के निर्माण की मांग को लेकर स्थानीय लोगों और राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ताओं ने जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है। पिछले 18 दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद, मांगें पूरी न होने पर हजारों की संख्या में लोग बिसुही नदी में उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह जल सत्याग्रह बिसुही नदी के पानी में बैठकर किया जा रहा है। इस दौरान इंकलाब फाउंडेशन के अध्यक्ष अविनाश सिंह और परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष अरुण सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय और हजारों स्थानीय लोगों का समर्थन करते हुए खुद भी जल सत्याग्रह में हिस्सा लिया। राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय ने बताया कि 18 दिनों से प्रदर्शन के बावजूद उनकी मांगें नहीं सुनी गईं, जिसके बाद जल सत्याग्रह का रास्ता अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक कोई अधिकारी पुल निर्माण को लेकर लिखित आश्वासन नहीं देता। पांडेय ने यह भी बताया कि 114 साल पुराने इस पुल के लिए वे खून से पत्र लिख चुके हैं और मुख्यमंत्री को भी कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष अरुण सिंह ने कहा कि वे हजारों स्थानीय लोगों के समर्थन में इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। उन्होंने पुल के शीघ्र निर्माण की मांग की और चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सिंह ने जोर देकर कहा कि वे तब तक नदी में बैठे रहेंगे जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता है।
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