देवरिया जनपद की कई ग्राम पंचायतों में सामान आपूर्ति के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि कई फर्में बिना वास्तविक दुकान और स्टॉक के ही ईंट, गिट्टी, सीमेंट, जेसीबी, जनरेटर समेत अन्य निर्माण सामग्री की आपूर्ति दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान ले रही हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ मामलों में एक ही महीने में एक फर्म को 11 लाख रुपये तक का भुगतान किया गया है। आरोप यह भी है कि कुछ ग्राम पंचायत सचिव अपने परिजनों या रिश्तेदारों के नाम से फर्म बनाकर भुगतान निकाल रहे हैं। साथ ही, जीएसटी चोरी की भी आशंका जताई जा रही है। लार ब्लॉक क्षेत्र के पिपरा चौराहा स्थित शिवम ट्रेडर्स को धधवार ग्राम पंचायत द्वारा एक माह के भीतर चार बिलों के जरिए लगभग 11 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसी तरह, रेवली बाजार की विराट ट्रेडर्स को भी धधवार ग्राम पंचायत के प्रधान और सचिव द्वारा तीन लाख रुपये का भुगतान किए जाने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन फर्मों को भुगतान हुआ, उनकी वास्तविक आपूर्ति और खरीद स्रोत की जांच की जाए तो बड़ा खुलासा हो सकता है। आरओ और निर्माण कार्य में भी गड़बड़ी के आरोप हैं। महुअवां खुर्द की देव कंस्ट्रक्शन फर्म पर पथरदेवा ब्लॉक के बंजरिया ग्राम पंचायत में 2.35 लाख रुपये की लागत से आरओ स्थापना के नाम पर कथित रूप से तिगुना भुगतान लेने का आरोप है। इसी फर्म ने तिरमासाहुन ग्राम पंचायत में एक आरओ के लिए 2.35 लाख और दूसरे के लिए 1.19 लाख रुपये का भुगतान लिया। वृक्षापट्टी के रोहन ट्रेडर्स ने 50 ह्यूम पाइप, सीमेंट और ईंट के नाम पर 1.34 लाख तथा 90 हजार रुपये का भुगतान प्राप्त किया। रामनगर ग्राम पंचायत में भी ईंट, सीमेंट, प्राइमर और पेंट के नाम पर 1.11 लाख रुपये का भुगतान किए जाने की जानकारी मिली है।