ताजमहोत्सव में आयोजित ओडीओपी और वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम के धरोहर कार्यक्रम में आगरा की महिला डिजायनरों ने खास पहचान बनाई। पुरानी बनारसी और सिल्क साड़ियों से तैयार करीब 50 परिधानों में मॉडलों ने रैम्प वॉक कर परम्परा और आधुनिकता का संगम दिखाया। ताज महोत्सव के फैशन रैम्प पर शुक्रवार को आगरा की महिला डिजायनरों का हुनर चमका। दादी-नानी और मां की धरोहर पुरानी साड़ियों को नए डिजाइन में ढालकर आकर्षक परिधान तैयार किए गए। इन परिधानों को आगरा की महिला दर्जियों ने देश के प्रसिद्ध डिजायनरों के प्रशिक्षण में बनाया। खास बात यह रही कि रैम्प वॉक के दौरान महिला दर्जी भी मॉडल्स के साथ मंच पर उतरीं। मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल, ओडीओपी और वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित धरोहर कार्यक्रम के तहत यह फैशन शो हुआ। वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम के अंकुश अनामी ने बताया कि वर्कशॉप के दौरान करीब 50 परिधान एआई आधारित हाई-जैक मशीन की मदद से तैयार किए गए। बनारसी साड़ियों को आधुनिक सिल्हूट में रीडिज़ाइन किया गया, जिसमें पारंपरिक बुनाई को फ्यूजन स्टाइल और समकालीन कट्स के साथ जोड़ा गया। हैंडलूम, ज़री, ज़रदोज़ी और चिकनकारी जैसे पारंपरिक शिल्पों को भी आधुनिक फैशन में शामिल किया गया। सस्टेनेबल फैशन को बढ़ावा देते हुए अपसाइक्लिंग, प्राकृतिक रंगों और इको-फ्रेंडली फैब्रिक का उपयोग किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद राजकुमार चाहर, जीएस धर्मेश और जिलाधिकारी अरविन्द अलिअप्पा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इससे पहले डिजाइनरों और आर्टिज़न्स के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिनमें डिजाइन डेवलपमेंट और बाजार के अनुरूप पारंपरिक शिल्प को ढालने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर ओडीओपी ज्वाइंट कमिश्नर अनुज कुमार, डिप्टी कमिश्नर शैलेन्द्र सहित अन्य अधिकारी और डिजायनर मौजूद रहे।
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