सीतापुर के रामकोट थाना क्षेत्र में तीन दिन पूर्व हुई मारपीट की घटना में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो जाने से आक्रोशित परिजनों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। लखनऊ से पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और आर्थिक मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया और बाद में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कराई। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात है। मामला रामकोट थाना इलाके की मधुवन विहार चौकी के रहीमपुर मडिया गांव का है। यहां दिहाड़ी मजदूर शत्रोहन राठौर का विवाद 20 फरवरी को पड़ोसी सोमेंद्र और परमेश्वर से हो गया था। बताया जाता है कि शत्रोहन की बकरी आरोपियों के घर में घुस गई थी, जिसको लेकर कहासुनी शुरू हुई। आरोप है कि इसी बात पर दबंगों ने पहले शत्रोहन के पिता जगन्नाथ पर ईंटों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। परिवार का कहना है मामले की शिकायत जब थाने में की गई तो नाराज होकर विपक्षी सोमेंद्र, विमल और सतीश ने उसी शाम करीब तीन बजे शत्रोहन पर हमला कर दिया। आरोप है कि यूकेलिप्टस की बल्ली से उसके सिर पर वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल शत्रोहन को जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया, जहां भर्ती की प्रक्रिया के दौरान ही रविवार शाम उसकी मौत हो गई। मृतक अपने पीछे चार और छह वर्ष के दो मासूम बेटों को छोड़ गया है। घटना से परिजनों में आक्रोश है। सोमवार सुबह जब लखनऊ से पोस्टमार्टम के बाद उसका शव पहुंचा तो परिजनों ने हंगामा कर दिया। प्रभारी निरीक्षक पीयूष सिंह का कहना है कि मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। देखें फोटो…