24 फरवरी 2023, प्रदेश की सबसे बड़ी सनसनी उमेश पाल हत्याकांड के शूटरों पर एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। कल 24 फरवरी को उमेश पाल की पत्नी जया पाल पति की याद में बड़ कार्यक्रम आयोजित करने जा रही हैं। वहीं 2023 से 2026 आ गया लेकिन हत्याकांड के शूटर 5–5 लाख के इनामी अब तक यूपी पुलिस, एसटीएफ की पकड़ से दूर हैं। उमेश पाल हत्याकांड के बाद से फरार चल रहे पांच-पांच लाख के इनामी माफिया अतीक अहमद शूटर गुड्डू मुस्लिम उर्फ गुड्‌डू बमबाज, अरमान और साबिर के खिलाफ एक और एफआईआर एयरपोर्ट थाने में दर्ज की गई है। एयरपोर्ट थाना प्रभारी विजय कुमार सिंह के मुताबिक, यह एफआईआर उन्होंने खुद वादी बन दर्ज कराई है। असल में शूटरों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई, कोर्ट से वारंट आदि जारी होने के बाद भी वह सरेंडर नहीं कर रहे। ऐसे में बार बार नोटिस चस्पा, सूचनाएं देने, वारंट तामील कराने के बाद भी अदालत की अवमानना करने की वजह से एक और एफआईआर दर्ज हुई है। गुड्डू मुस्लिम निवासी चकनिरातुल चकिया थाना खुल्दाबाद, अरमान पुत्र शमीम निवासी महात्मा गांधी मार्ग सिविल लाइंस प्रयागराज और साबिरपुत्र नसीम निवासी मरियाडीह थाना धूमनगंज के खिलाफ धूमनगंज थाने में 2/3 गैंगस्टर के तहत केस दर्ज किया गया था। इसकी विवेचना एयरपोर्ट थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह कर रहे हैं। इनके विरुद्ध 12 जून को न्यायालय की ओर से गैर जमानती वारंट जारी किया गया था, लेकिन यह तीनों बदमाश गिरफ्तार नहीं हो सके। इसके बाद 13 नवंबर 2025 को न्यायालय ने 83 बीएनएसएस का आदेश निर्गत किया। जिसके अनुपालन में तीनों बदमाशों के घर पर मुनादी कराई गई। बावजूद इसके तीनों बदमाश न तो न्यायालय और न ही विवेचक के समक्ष आत्मसमर्मण किए। यह तीनों लगातार फरार चल रहे हैं। यह कृत्य दंडनीय अपराध है। इस मामले में तीनों के खिलाफ एयरपोर्ट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी गुड्डू मुस्लिम, शूटर साबिर और अरमान के ऊपर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम रखा है। धूमनगंज प्रभारी अमरनाथ राय ने 24 अक्तूबर 2024 को थाने में माफिया अतीक अहमद के बेटे अली और उमर समेत कुल 15 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें फरार चल रहे पांच लाख के तीन इनामी गुड्डू मुस्लिम, साबिर और अरमान भी शामिल थे। बता दें कि 24 फरवरी 2023 को हुए उमेश पाल हत्याकांड ने प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। धूमनगंज में माफिया अतीक अहमद के शूटरों ने अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर पर बम व ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी थी।