पीलीभीत कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा के नेतृत्व में जुटे दर्जनों कांग्रेसियों ने ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ हो रही कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान 'योगी-मोदी सरकार मुर्दाबाद' के नारे लगाए गए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वे हाथों में तख्तियां लिए हुए थे और "दमनकारी नीतियां बंद करो" जैसे नारे लगा रहे थे। कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि सरकार धर्मगुरुओं का अपमान कर रही है और संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है। जिला अध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भाजपा सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी सत्य की आवाज उठाता है, उसे मुकदमों में फंसाया जा रहा है। चब्बा के अनुसार, पूजनीय शंकराचार्य पर दबाव बनाने के लिए उन पर झूठी एफआईआर दर्ज की जा रही है, जिसे सनातन समाज और कांग्रेस पार्टी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को जेल का डर दिखाया जा रहा है। चब्बा ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक ले जाएगी। उन्होंने भाजपा पर दमनकारी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग उनके खिलाफ बोलते हैं, उन्हें ईडी, सीबीआई की जांच और मुकदमों से डराया जाता है। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, शंकराचार्य और उनके शिष्यों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष जांच हो और धर्मगुरुओं के साथ पुलिस द्वारा की जा रही अभद्रता पर तत्काल रोक लगाई जाए। इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से लेखराज राठौर (उपाध्यक्ष), राजेश वर्मा, मुशीर अहमद, डॉ. नागेन्द्र पाठक, हशमत अली, गुड्डू खां, अंसार खान, राजेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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