मथुरा में नौहझील क्षेत्र के पचहरा गांव निवासी राकेश कुमार रावत सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। वे बांग्लादेश सीमा पर तैनात थे। मंगलवार को उनके निधन की सूचना परिवार को मिली। इस खबर से पूरे गांव में मातम छा गया। हालांकि, उनकी मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रशासन और बीएसएफ के अधिकारियों ने परिजनों को इस संबंध में सूचित किया। राकेश का पार्थिव शरीर गुरुवार तक पैतृक गांव पचहरा पहुंचने की संभावना है। राकेश कुमार का परिवार मथुरा शहर में रहता है, जबकि उनके भाई पैतृक गांव पचहरा में रहते हैं। सूचना मिलने के बाद गांव में बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं। आसपास के गांवों से भी लोग श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी है। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। क्षेत्रीय विधायक ने राकेश कुमार रावत के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश ने एक बहादुर जवान खो दिया है। विधायक ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
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